
Raipur News: छत्तीसगढ़ के रायपुर का 12 वर्षीय लड़का एक दुर्लभ संक्रमण से पीड़ित था, जिसके कारण तेज़ बुखार, दौरे और मस्तिष्क में दबाव जैसे सीवियर सिपटस पैदा हुए, जिससे अंतत: वह अपने अभिभावकों को भी पहचानने में असमर्थ हो गया। शुरुआत में उसे रायपुर के एक लोकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी हालत खराब हो गई, जिसके बाद वहां के डॉक्टरों ने एडवांस्ड केयर के लिए हैदराबाद के कोंडापुर में स्थित KIMS Cuddles Hospital से संपर्क किया। KIMS Cuddles में युवक का नौ दिनों तक इलाज चला। और वह पूरी तरह से स्वस्थ हो गया। इसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
KIMS में बाल रोग विभाग के क्लिनिकल डायरेक्टर और बाल चिकित्सा आईसीयू के प्रमुख डॉ. पराग डेकाटे ने बताया कि इस बीमारी को रिकेट्सियल इन्फेक्शन के रूप में जाना जाता है, जो रायपुर क्षेत्र में बेहद दुर्लभ है और इससे मस्तिष्क में बाधा उत्पन्न होती है इस स्थिति को MERS कहा जाता है।
इस मिशन में डॉ. प्रभजोत/डॉ.जयंत कृष्णा (बाल न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. पांडु (बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) डॉ. मौनिका (बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी), डॉ. प्रतीक वाई पाटिल (संक्रामक रोग) शामिल थे। वहीं बाल चिकित्सा आईसीयू सलाहकार डॉ. तरुण ने कप्लीट एयर ट्रांसपोर्ट के दौरान सहायता की।
"एयर एबुलेंस महंगी हो सकती हैं, लेकिन जीवन से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं है। रोगियों को समय पर और इफेक्टिव ट्रीटमेंट के लिए आवश्यक सुविधाओं वाले केंद्रों में स्थानांतरित करना महत्वपूर्ण है। यह हमारा दूसरा मामला था जहां हमने हवाई मार्ग से गंभीर रूप से बीमार बच्चे का सफलतापूर्वक इलाज किया था, इससे पहले एक बच्चा जिसे ट्रांजिट के दौरान ईसीएमओ (ECMO) सहायता की आवश्यकता थी।
हाल ही में हमने दुनिया में सबसे लंबे रोड ईसीएमओ (ECMO) ट्रांसपोर्ट में से एक किया है, जिसमें नागपुर से ईसीएमओ (ECMO) पर 9 घंटे की रोड ट्रांसपोर्ट की आवश्यकता होती है, यह सड़क पर एडवांस्ड एक्स्ट्राकोर्पोरियल यूनिट बनाने जैसा है। डॉ. पराग डेकाटे ने निष्कर्ष निकाला कि, " (KIMS Cuddles) के पास इस तरह के जटिल मामलों को सफलतापूर्वक संपादित करने की क्षमता है।"
Updated on:
31 Aug 2024 02:05 pm
Published on:
31 Aug 2024 02:04 pm
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