15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर

रायपुर की निशा बना रहीं ऑर्गेनिक केमिकल

वर्ल्ड एनवायर्नमेंट डे  

Google source verification

रायपुर. 5 जून को वर्ल्ड एनवायर्नमेंट डे है। ऐसे कई रिसर्च किए जा रहे हैं जिसमें ग्रीनरी का ध्यान रखा गया है। हमने रविवि की रिसर्चर निशा गुप्ता से उनके प्रोजेक्ट के बारे में जाना। निशा ऑर्गेनिक केमिकल पर काम कर रही हैं। वे एग्रीकल्चर वेस्ट से एंजाइम बना रही हैं। निशा ने बताया, एंजाइम बनाने के लिए केमिकल का यूज किया जाता है। केमिकल महंगे होते हैं। उसे अगर नदी में छोड़ दिया जाए तो न सिर्फ मछलियां बल्कि वहां पानी पीने वाले जीव-जंतु भी मर सकते हैं। हमारा मकसद है सस्टेनेबिलिटी। कोई भी इंडस्ट्री उसी प्रोडक्ट को लेगी एंजाइम को सस्ते में प्रोड्यूस करे। इसे लार्ज स्केल पर भी प्रोड्यूस किया जा सकता है। वेस्ट मटेरियल को हम जलाते हैं जो कि पर्यावरण और इंसान दोनों के लिए नुकसानदायक है। खतरनाक गैस भी निकलती है। इसलिए ठोस कचरे को बॉयो मटेरियल की तरह यूज कर रहे हैं। यह बॉयो डिग्रेडेबल भी है।

क्या है एंजाइम?

एंजाइम एक बॉयोलॉजिकल मॉलिक्यूल होता है जिसे आप प्रोटीन बोल सकते हैं। जैसे बॉडी की हार्टबीट बंद तो सब बंद। वैसे ही किसी भी इंडस्ट्री के लिए एंजाइम जरूरी है। बॉडी में भी बहुत से एंजाइम होते हैं जो खाना डाइजेस्ट से लेकर कई तरह के काम करते हैं। डिटरर्जेंट में भी एंजाइम का यूज होता है। एक तरह से एंजाइम बॉयोलॉजिकल मॉलिक्यूल है जिसका हर जगह यूज होता है।

रायपुर की निशा बना रहीं ऑर्गेनिक केमिकल