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#Vedanta चेयरमैन Anil Agrawal पहुंचे BALCO, ली समीक्षा बैठक

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल मंगलवार को एक दिवसीय प्रवास पर बालको पहुंचे

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Chandu Nirmalkar

Apr 26, 2016

Anil Agarwal

Anil Agrawal

रायपुर/कोरबा.
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल मंगलवार को एक दिवसीय प्रवास पर बालको पहुंचे। रूमगरा एयर स्ट्रीप पर अग्रवाल की अगवानी वेदांता एल्यूमिनियम सेक्टर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिजीत पति और बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रमेश नायर सहित अनेक बालको अधिकारियों ने की। इसके बाद चेयरमैन अग्रवाल ने प्लांट का निरीक्षण किया व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।


बालको में एल्यूमिनियम का उत्पादन किया जाता है। 15 साल पहले बालको विनिवेश के दौरान एक लाख टन एल्यूमिनियम उत्पादन किया जा रहा था। 270 मेगावाट का विद्युत संयंत्र संचालित था। विनिवेश के बाद बालको की परिस्थिति बदल गई है। 540 मेगावाट का नया विद्युत संयंत्र स्थापित करने के बाद 1200 मेगावाट का नया विद्युत संयंत्र स्थापित किया गया है। एल्यूमिनियम की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 5.70 लाख टन प्रति वर्ष करने की कवायद की जा रही है। 3.25 लाख टन के नए स्मेल्टर संयंत्र को फुल लोड पर चलाने चलाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इन सबके लिए आवश्यक कोयले की व्यवस्था के लिए चोटिया कोयला खदान का संचालन किया जा रहा है। एल्यूमिनियम उत्पादन के लिए एल्युमिना पॉउडर की आपूर्ति लांजीगढ़ ओडिशा से रेल मार्ग द्वारा की जा रही है। चेयरमैन अग्रवाल का विनिवेश के बाद पहली बार बालको प्रवास हुआ है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों की बैठक में एल्यूमिनियम उद्योग पर आई आर्थिक संकट और आगे चलकर इससे निपटते हुए उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा की गई। एल्यूमिनियम उत्पादन करने के बाद बचत बिजली के उपयोग पर मंथन किया गया।


दूसरे प्रदेशों को बिजली

बालको में एल्यूमिनियम उत्पादन के लिए अधिक बिजली की जरुरत पड़ती है। पूर्व में 270 मेगावाट के बीसीपीपी व 540 मेगावाट के संयंत्र से बिजली लेकर एल्यूमिनियम का उत्पादन किया जा रहा था। पुराना संयंत्र होने से बीसीपीपी को बंद कर दिया गया है। 1200 मेगावाट संयंत्र से बिजली ली जा रही है। बचत बिजली को बाहर के प्रदेशों को भेजने की योजना बनी है। इसकी शुरुआत भी दक्षिण भारत से की जा चुकी है। प्रदेश को जरुरत अनुसार बिजली देने का अनुबंध किया गया है। आगे चलकर अन्य प्रदेशों को मांग के अनुसार बिजली देने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों की समीक्षा बैठक में इस पर भी मंथन किया गया है।


रेल मार्ग से ओडिशा जाएगा बाक्साइट

बालको द्वारा पहले मैनपाट में बाक्साइट खदान का संचालन किया जा रहा था। अभी खदान बंद है। बाक्साइट की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के कवर्धा व ओडिशा स्थित खदानों से की जा रही है। एल्यूमिनियम उत्पादन क्षमता बढऩे पर अतिरिक्त बाक्साइट की जरुरत पड़ेगी। इसे देखते हुए मैनपाट की खदान को चालू करने की कार्ययोजना बनाई गई है। खदान से बाक्साइट को पहले कोरबा लाकर यहां से रेलमार्ग द्वारा बाक्साइट, ओडिशा भेजने पर भी विचार किया जा रहा है। यहां से एल्युमिना पॉउडर रेल मार्ग से वापस बालको आएगा। इसके लिए रेक की व्यवस्था पहले से की है। विनिवेश के पहले बालको में ही एल्युमिना पॉउडर बनाकर एल्यूमिनियम का उत्पादन किया जा रहा था। अभी यह प्लांट बंद है। बैठक के दौरान इन बातों पर भी चर्चा की गई है।


ठेके पद दिया जा सकता है एसआरएस

एल्यूमिनियम के क्षेत्र में आर्थिक मंदी का दौर चलने के बाद प्रबंधन द्वारा शीट रोलिंग शॉप को बंद कर दिया गया है। अब नए सिरे से इस शॉप को चालू करने की तैयारी की जा रही है। यहां काम करने वाले 312 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृति दे दी गई है। शेष कर्मचारी दूसरे स्थान पर पदस्थ किए गए हैं। बताया जा रहा कि अब एसआरएस को ठेके पर देने का विचार भी किया जा रहा है। इसे लेकर श्रमिक संगठनों के साथ चर्चा भी की जा रही है।


बालको के पास 51 प्रतिशत शेयर

बालको पहले सार्वजनिक प्रतिष्ठान थी। केंद्र में अटलबिहारी बाजपेयी शासन काल के दौरान 1999-2003 के मध्य बालको का शेयर बेचने का निर्णय लिया गया। 51 प्रतिशत शेयर की बिक्री की गई। तब से बालको संयुक्त उद्यम के रूप में संचालित है।

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