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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ने काम करना शुरु किया

प्रतिदिन लगभग पांच लाख यूनिट से अधिक बिजली का होगा उत्पादन

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ने काम करना शुरु किया

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ने काम करना शुरु किया

रायपुर. देश में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा रहा है और उसी के चलते छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ने काम करना शुरु कर दिया है। इससे प्रतिदिन पांच लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा और लगभग 4.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। दरअसल, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ रोड पर ग्राम ढाबा के पास पहाड़ी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। संयंत्र के साथ स्थापित बैटरी के माध्यम से रात्रि में भी बिजली की सुविधा रहेगी। इससे प्रतिदिन पांच लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा और लगभग 4.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।

इस प्लांट की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें 660 वॉट क्षमता के कुल दो लाख 39 हजार बाईफेसियल सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिससे पैनल के दोनों ओर से प्राप्त सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली का निर्माण किया जा रहा है। कुल परियोजना लागत 960 करोड़ रुपए है, जो कि सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर आगामी सात वर्षों तक प्राप्त हो जाएगी। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजनांदगांव जिले के बैरन पहाड़ी क्षेत्र में देश एवं प्रदेश के प्रथम सोलर पार्क की स्थापना का निर्णय लिया गया था। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारंभ वर्ष 2016 में हुआ। इसके तहत् ग्रिड कनेक्टेड मेगा साइज सोलर पावर प्लांट की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के द्वारा दो चरणों में सोलर पार्क की स्थापना का कार्य प्रस्तावित किया गया तथा इस हेतु कुल17 गांव की 626.822 हेक्टेयर शासकीय भूमि की मांग की गई थी।