
चुनाव। (फोटो- newsonair.gov.in)
Rajya Sabha Election 2026: छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा। वर्तमान में दोनों सीट कांग्रेस के खाते में हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाएगी। इसे देखते हुए कांग्रेस-भाजपा के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कुछ दावेदार ने तो होली के बहाने अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं। वे होली की बधाई देने के बहाने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान वे अपना बायोडाटा भी सौंप रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। इस वजह से पार्टी दावेदारों के साथ-साथ उनका क्षेत्रीय व जातिगत समीकरण भी देख रही है। ऐसे में भाजपा बस्तर या फिर दुर्ग संभाग से अपने किसी नेता को राज्यसभा भेज सकती है। वहीं, कांग्रेस में सरगुजा संभाग से कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं।
हालांकि कांग्रेस में प्रत्याशियों का चयन का निर्णय आगामी रणनीति के लिए सबसे अहम साबित होना है। यही वजह है कि कांग्रेस प्रत्याशी चयन से पहले अपने पुराने अनुभव को भी ध्यान में रखेगी। बता दें कि पिछली बार कांग्रेस के खाते की दोनों सीट अन्य राज्य के नेताओं को दी गई थी। इससे पार्टी के भीतर काफी आक्रोश देखा गया था।
राज्यसभा सीट के लिए जारी चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक, 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ की जाएगी। निर्वाचन में राज्य के कुल 90 विधानसभा सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 54, कांग्रेस के 35 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं। सभी विधायक मत-पत्र के माध्यम से मतपेटी में अपना मत प्रदान करेंगे। मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए बैंगनी रंग के स्कैच पेन का उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा।
चुनाव की घोषणा के साथ ही सामाजिक संगठन के पदाधिकारी भी सक्रिय हो गए। समाज से राज्यसभा भेजने के लिए वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात कर ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसके लिए साहू समाज ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज भी राज्य सरकार पर संगठन प्रमुखों से समाज के योग्य व्यक्ति को राज्यसभा सदस्य बनाने की मांग की है।
नियम के अनुसार, रिक्त सीटों की संख्या में एक जोडक़र विधायकों की संख्या से विभाजन किया जाता है। आए नतीजों में फिर एक जोडक़र न्यूनतम वोटरों की संख्या तक की जाती है। इसे छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा सदस्य के हिसाब से समझें तो 2 राज्यसभा सीट में 1 जोडऩे पर 3 संख्या प्राप्त होती है। अब विधायकों की कुल संख्या यानी 90 में 3 से भाग देने पर भागफल 30 आएगा। इसमें फिर 1 जोडऩे पर 31 होगा यानी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 31 विधायकों का समर्थन चाहिए।
अप्रैल 2026 में राज्यसभा की सीट खाली हो रही है। यहां दावेदारों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता, लेकिन किसी कारण से दावेदार चूक जाते हैं तो उन्हें जून 2028 तक का इंतजार करना होगा। 29 जून 2028 को राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन की सीट रिक्त होगी।
Published on:
02 Mar 2026 02:53 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
