
CG By Election: रायपुर दक्षिण विधानसभा में चुनावी शोरगुल थमने के बाद अब मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब इस सीट पर वोटिंग का इंतजार है। 13 नवंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक तक वोट डाले जाएंगे।निर्वाचन आयोग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सभी मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है।
रायपुर उपचुनाव में 30 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। निर्वाचन क्षेत्र में 253 मुख्य मतदान केंद्र व 13 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उप-निर्वाचन में क्षेत्र के कुल 2,71,169 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जिनमें 1,33,800 पुरुष, 1,37,317 महिला वोटर्स हैं। 52 ट्रांसजेंडर्स वोटर्स हैं। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की पांच कंपनियां तैनात की गई है।
रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बनने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसके बाद 13 नवंबर पर वोटिंग होना है। जबकि 23 नवंबर को इसके नतीजे आएंगे।
रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से लगातार 8 बार विधायक रहे बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद उपचुनाव हो रहे है। बीजेपी ने यहां से पूर्व सांसद सुनील सोनी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रहे आकाश शर्मा पर दांव लगाया है। आकाश पहली बार चुनाव मैदान में हैं और जनता के लिए नया चेहरा हैं।
रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट को लेकर के जीत का दावा कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों दल के नेता कर रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि हम लोगों ने युवा चेहरे को मैदान में उतारा है। हम यह तय मानकर चल रहे हैं कि रायपुर दक्षिण में हम मजबूत हैं।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने अपनी पार्टी की जीत पक्की बताई है। उन्होंने कहा कि ये बीजेपी की सीट है। यहां से हमारी जीत तय है. जब से रायपुर दक्षिण सीट बनी है बीजेपी ही जीतती है और आगे भी बीजेपी ही जीतेगी।
रायपुर दक्षिण में जातिगत समीकरण पर राजनीतिक विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। इनका मानना है कि इस विधानसभा में ओबीसी वोटर पर ही सबकुछ निर्भर करता है। यह वोटर जिधर जाएंगे उस प्रत्याशी की जीत पक्की है। इस विधानसभा में सबसे ज्यादा 53 फीसदी OBC वोटर हैं। 16 फीसदी साहू, 6-6 फीसदी यादव और कुर्मी। 10 फीसदी SC, 4 प्रतिशत ST वोटर हैं। सामान्य वर्ग से 16 फीसदी मतदाता हैं। सामान्य वर्ग में 5 फीसदी ब्राह्मण 4 प्रतिशत वैश्य दक्षिण में हैं 10 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं।
रायपुर दक्षिण के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस के लिए चुनौती बड़ी है। 1985 में रायपुर में 2 विधानसभा सीटें होती थी जिस पर कांग्रेस का ही कब्जा था।1990 के विधानसभा चुनाव में बृजमोहन अग्रवाल पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और जीतकर ये सीट बीजेपी के खाते में डाली थी। 1985 के चुनाव में कांग्रेस रायपुर विधानसभा की सीट जीती थी। जिसेक बाद से यह सीट हमेशा से ही भाजपा के खाते में रही। इस सीट पर कभी भी कांग्रेस जीत नहीं पाई।
अब 2024 में बृजमोहन अग्रवाल रायपुर में विधानसभा की किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, तो ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि रायपुर दक्षिण एक बार फिर उनके पास आ सकता है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस सीट पर दोबारा अपना कब्जा जमा सकती है या फिर भाजपा की वापसी होगी।
Updated on:
12 Nov 2024 01:30 pm
Published on:
12 Nov 2024 01:15 pm
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