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खुलासा : करंट से हुई गणेश हाथी की मौत , पहचान में लग गए 24 घंटे

हाथियों की चपेट में आए पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) शुक्ला समेत चार वन अधिकारी

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खुलासा : करंट से हुई गणेश हाथी की मौत , पहचान में लग गए 24 घंटे

खुलासा : करंट से हुई गणेश हाथी की मौत , पहचान में लग गए 24 घंटे

रायपुर . धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज में ग्राम बेहरामार के पास मारे गए दंतैल हाथी की पहचान गणेश के तौर पर की गई है। शासन ने पिछले 10 दिनों में 6 जंगली हाथियों की मौत के चलते प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अतुल कुमार शुक्ला को हटा दिया है। पीवी नरसिंह राव को अब नये प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) होंगे। इसके साथ ही धरमजयगढ़ की डीएफओ प्रियंका पांडेय व बलरामपुर डीएफओ प्रणय मिश्रा को हटा दिया गया है। साथ ही अम्बिकापुर सीसीएफ एबी मिंज ने परिक्षेत्र रक्षक विजय श्रीवास्तव, वन रक्षक नितेश गुप्ता को निलंबित कर दिया है। सीसीएफ ने बताया कि दोनों ने हाथियों की लोकेशन और घटना की जानकारी सही समय पर नहीं दी। हाथियों पर हमेशा नजर रखी गई होती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। इधर पीएम रिपोर्ट में गणेश की मौत करंट से होना पाई गई है। बाड़ में करंट लगाने वाले ग्रामीण पर भी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि यह वही गणेश है, जिसने कोरबा और धरमजयगढ़ वनमंडल में अब तक 19 लोगों की जान ली थी। इस हाथी की तलाश वन विभाग के अधिकारी 34 दिन तक जंगल में कर रहे थे। इसके लिए कुमकी हाथी की भी मदद ली गई थी, लेकिन गणेश नहीं मिला। गुरुवार को उसका शव खेत में पड़ा मिला।

एपीसीसीएफ ने की पुष्टि, छह घंटे में तीन डॉक्टरों ने किया पीएम

पोस्टमार्टम करने पहुचे डॉक्टर राकेश वर्मा ने पत्रिका को बताया गणेश हाथी मौत प्रारंभिक पोस्टमार्टम में करंट लगने से हुई है। डाक्टर ने बताया बेंगलूरु से दो विशेषज्ञों की मदद से छह घंटे में बारीकी से शव का परीक्षण किया गया। हाथी का वजन करीब साढ़े चार हजार किग्रा था। पोस्टमार्टम के पूर्व हाथी की पहचान करने रायपुर की एक विशेष टीम धरमजयगढ़ पहुची थी। एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के नेतृत्व में हाथी की पहचान की गई। एपीसीसीएफ अरुण पांडेय ने बताया मृत हाथी गणेश था।