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आरटीई वॉच तैयार, समुदाय को स्कूल से जोडऩे की कवायद होगी शुरू

शिक्षा का अधिकार फोरम के साथ बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों ने मिलकर आरटीई वॉच कार्यक्रम तय किया।

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Chandu Nirmalkar

Apr 11, 2015

raipur community school

raipur community school

रायपुर.
स्कूली शिक्षा से समुदायों को जोडऩे की नई कवायद शुरू हो रही है। शिक्षा का अधिकार फोरम के साथ बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों ने मिलकर आरटीई वॉच कार्यक्रम तय किया। इसके तहत 18 जिलों के 540 स्कूलों का सर्वे कर एक रिपोर्ट बनाई जाएगी।


इसके आधार पर इन स्कूलों में गुणवत्ता विकास की कोशिश होगी। छत्तीसगढ़ आरटीई फोरम के संयोजक गौतम बंद्योपाध्याय ने बताया कि कोशिश होगी कि चुने हुए स्कूलों को मॉडल के तौर पर विकसित किया जा सके। उसी मॉडल के आधार पर अन्य संस्थानों में काम करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट इस माह के अंत तक मिल जाएगी।


यह होगा रिपोर्ट में

कक्षा के हालात, आधारभूत सुविधाओं की स्थिति, शाला प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी, विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर।


इन समस्याओं पर होगा काम

समुदाय का कम जुड़ाव
- स्कूलों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी कम होती जा रही है। प्रबंधन समितियां औपचारिक रह गई हैं। इसकी वजह से शिक्षक और समाज का रिश्ता भी खराब होता जा रहा है। इसका असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ा है।

प्रशासनिक समस्या
- आदिम जाति विकास विभाग के स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने से उपजी प्रशासनिक समस्या। इसके अलावा शिक्षकों के गैर शिक्षण कामों में लगाए जाने की समस्या पर भी काम।

आधारभूत ढांचा
- स्कूलों में इसकी बेहद कमी है। इसकी वजह से शाला त्यागी बच्चों का प्रतिशत बढ़ा है। बच्चों को तकलीफ उठानी पड़ती है।

शिक्षण तकनीक
- नई शिक्षण तकनीकों का इस्तेमाल न होना भी एक चुनौती है। इसके अलावा स्कूलों में पूर्णकालिक शिक्षकों का अभाव भी इसमें रुकावट बन रहा है। शिक्षक और समुदाय के सिमटते रिश्ते, प्रशासनिक समस्या, आधारभूत ढांचा और शिक्षण तकनीक।