छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे को लेकर एक बार फिर सदन में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हो गए।
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे को लेकर एक बार फिर सदन में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हो गए।
कृतज्ञता प्रस्ताव के विरोध में चर्चा करते हुए भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा सरकार महात्मा गांधी के विचारों पर चलने की बात करती है, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नाथूराम गोडसे का प्रचार प्रसार करने के लिए ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं।
इस पर सत्तापक्ष ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई। मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि हिम्मत है तो आप गोडसे मुर्दाबाद के नारे लगाइए। उसके बाद सत्ता पक्ष ने महात्मा गांधी जिंदाबाद और गोडसे मुर्दाबाद के नारे लगाए।
इससे पहले भी सत्ता पक्ष ने नाथूराम गोडसे को लेकर विपक्ष पर हमला करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है। बतादें कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र में सत्ता पक्ष ने वीर सावरकर और नाथूराम गोडसे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा था।
दो दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि इतिहास में पर्याप्त सबूत हैं कि सावरकर के शिष्य थे नाथूराम गोडसे। गोडसे को मानव बम बनाकर भेजा गया। मुख्यमंत्री के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी।