
सैलून में गर्दन और हेड मसाज पड़ सकती है भारी (Photo AI)
Raipur News: रायपुर समेत देशभर में सैलून में बाल कटिंग या शेविंग के बाद गर्दन को झटके से घुमाने और सिर की तेज मसाज देने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह गैर जरूरी मसाज कई बार गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अप्रशिक्षित लोगों द्वारा की गई गर्दन मसाज नसों, मांसपेशियों और टिशू को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे पैरालिसिस जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है।
सैलून में सिर व गर्दन की मसाज करवाने वाले सावधान हो जाएं। क्यों कि गैरजरूरी मसाज खतरनाक हो सकती है। दरअसल सैलून में बाल कटिंग या दाढ़ी बनाने के बाद झटके से गर्दन इधर-उधर घुमाने का अजीब ट्रेंड चल रहा है। सैलून में काम करने वाले वर्कर मसाज के प्रशिक्षित नहीं होते। ऐसे में गैर जरूरी यह मसाज ग्राहक पर भारी पड़ जाती है। राजधानी रायपुर समेत देशभर में ऐसे कई केस सामने आए हैं।
डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रायपुर के न्यूरो सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लवलेश राठौर के अनुसार गर्दन की नस डैमेज होना कॉमन नहीं है। जहां तक हो सके,सैलून में अप्रशिक्षित से गर्दन या सिर की मसाज न कराएं। अप्रशिक्षित से गर्दन की मसाज करवाने व चटकाने से पैरालिसिस का रिस्क हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में ब्यूटी पॉर्लर स्ट्रोक सिंड्रोम कहा जाता है।
हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई शुगर के मरीज। नियमित स्मोकिंग व शराब सेवन करने वाले लोगों को। इनकी नसों में क्लॉट बनने की संभावना ज्यादा होती है।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
हाई शुगर और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
नियमित स्मोकिंग और शराब सेवन करने वाले
जिनकी नसों में क्लॉट बनने की संभावना अधिक हो
गलत प्रेशर से गर्दन के जोड़, नस, मसल्स और टिशू डैमेज हो सकते हैं।
झटके से गर्दन चटकाने पर फ्रेनिक नर्व प्रभावित हो सकती है।
गंभीर मामलों में डायाफ्राम पैरालाइज होने का खतरा रहता है।
कुछ मामलों में मरीज को लंबे समय तक वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
Updated on:
12 May 2026, 3:42 PM IST
Published on:
12 May 2026, 9:06 AM IST
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