
रायपुर के इस युवा को सतिंदर की दीवानगी ने बना दिया पंजाबी सिंगर
ताबीर हुसैन / रायपुर .24 साल के सिद्धार्थ ने बताया, संगीत के क्षेत्र में रुचि बचपन से ही थी। गांव के छोटे-बड़े कार्यक्रम और स्कूलों में हिस्सा भी लिया करता था। साल 2013 में पहली बार पंजाब के सतिंदर सरताज सर का गाना 'आखिरीअपील सुना था। तबसे पंजाबी गाने पसंद आने लगे। हालांकि समझ तो कुछ नहीं आता था लेकिन धीरे-धीरे कब मैं पंजाबी गीत लिखने लगा पता ही नहीं चला। मैं रायपुर से साइंस ग्रेजुएट हूँ। बीएड के बाद इंग्लिश में एमए कर रहा हूँ।
' तेरी यादें' से हुई शुरुआत
खुद ही आवाज़ में पहला एल्बम मैंने 2018 में 'तेरी यादें' टाइटल से यूट्यूब पर रिलीज किया। मॉल्स और कैफे में भी लाइव परफॉर्मेंस देने लगा। इसके बाद मेरी वाली, टाइम और कित्थे चली एल्बम आए। अपकमिंग प्रोजेक्ट सपने, पहली मोहब्बत और कंगन हैं।
संगीत को भाषा से फर्क नहीं पड़ता
अगर आपको संगीत में रुचि है तो भाषा कभी आड़े नहीं आती। रही बात पंजाबी लिखने की तो जब आप किसी चीज में डूब जाते हैं तो सब करने लगते हैं। हां ये जरूर है कि अच्छा लिखने के लिए बहुत अच्छा सुनना या पढऩा होता है। ये मैं कर रहा हूँ।
Published on:
28 Jun 2021 02:12 pm

