
अवैध प्लाटिंग पर निगम ने की इस वर्ष कई बड़ी कारवाई, बहुतो के खिलाफ कराया एफआईआर
रायपुर। बिना अनुमति व टाउन प्लानिंग के अप्रूवल के परसुलीडीह में प्लाटों की खरीदी-बिक्री व कॉलोनी विकसित करने का खुलासा पत्रिका ने किया था। जिसके बाद एसडीएम प्रणव सिंह ने मामले में कार्रवाई करते हुए अवैध प्लाटिंग स्थल जाने वाली अवैध सड़क पर ही गड्ढा करवा दिया है। जिससे उक्त स्थल पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। इसके अलावा अवैध प्लाटिंग के लिए की गई सीमेंट की मार्र्किंग को भी तोड़ दिया गया है।
मामले में धरसींवा तहसीलदार ने भू-मालिकों को नोटिस जारी किया है। यहां अवैध प्लाटिंग में 11 दलाल और 20 से ज्यादा भू मालिक हैं, जिनके द्वारा एग्रीमेंट किया गया है। जिन लोगों के नाम पर जमीन है, उनकी जमीन पर दूसरे दलाल अवैध प्लाटिंग कर करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे कर रहे हैं। उन पर किसी तरह की कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। जबकि ऐसे 11 भू-माफियाओं ने किसानों से एग्रीमेंट करके अवैध प्लाटिंग की है।
भू-माफियाओं के पास न तो जरूरी दस्तावेज हैं न ही ठोस जवाब। चौंकाने वाली बात तो यह है कि शहर के आउटर इलाकों में अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन सिर्फ नोटिस-नोटिस का खेल खेला जाता है। जबकि पत्रिका ने अपनी खबर के माध्यम से सभी दलालों का नाम अपनी खबरों से उजागर किया था।
अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई
परसुलीडीह अवैध प्लाटिंग में क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों की भी सांठ-गांठ सामने आ चुकी है लेकिन अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों द्वारा कराई गई रजिस्ट्रियों के नामांतरण पर एसडीएम ने रोक लगा दी है। इस इलाके में 6 हजार से ज्यादा प्लाट बेचे जा चुके हैं। इसके अलावा 11 से ज्यादा बड़े मकान भी बनकर तैयार हैं।
अवैध प्लाटिंग में छोटे निर्माण को तोड़ा गया है। इसके अलावा सड़क पर भी गड्ढा करवा दिया गया है। भू-स्वामियों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- प्रणव सिंह, एसडीएम, रायपुर
Published on:
04 Jan 2021 05:09 pm
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