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6 साल पहले झीरम घाटी में नक्सलियों ने 31 कांग्रेसियों को बनाया था निशाना, अब SIT करेगी जांच

कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद झीरम घाटी कांड को एसआईटी गठित कर दी है। गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक झीरम कांड की जांच जगदलपुर आईजी विवेकानंद के नेतृत्व में होगी।

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झीरम घाटी में 31 नेताओं की हुई थी हत्या, 5वीं बरसी पर कांग्रेस वहीं से निकालेगी संकल्प यात्रा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद बहुचर्चित झीरम घाटी कांड की हकीकत सामने लाने के लिए एसआईटी गठित कर दी है। गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक झीरम कांड की जांच जगदलपुर आईजी विवेकानंद के नेतृत्व में होगी। एसआईटी में कुल 10 सदस्य होंगे।

बतादें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ ग्रहण लेने के बाद मीडिया से बातचीत में झीरम घाटी कांड की एसआईटी से जांच की बात कही थी। इससे पहले विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस ने झीरम घाटी कांड के पांच साल बीत जाने के बाद भी हकीकत सामने नहीं आने पर नाराजगी जताई थी।

नक्सलियों ने झीरम में खेला था खूनी खेल
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर के झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर ताबड़तोड़ हमला कर 31 नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया था।