CG Smart City: रायपुर में पूर्व सीएम के करीबी रहे केके श्रीवास्ताव व अन्य के खिलाफ दर्ज 15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस अब बैकफुट पर आ गई है।
CG Smart City: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पूर्व सीएम के करीबी रहे केके श्रीवास्ताव व अन्य के खिलाफ दर्ज 15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस अब बैकफुट पर आ गई है। शिकायत करने वाले और आरोपियों के बीच समझौता हो गया है। इसके बाद पूर्व युकां नेता आशीष शिंदे इस केस से मुक्त हो गए हैं। कुछ दिन पहले पुलिस ने उसे थाने से ही छोड़ दिया था।
तेलीबांधा पुलिस ने कोर्ट में प्रतिवेदन दिया है कि केके और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज अपराध क्रमांक 525/24 में आशीष शामिल नहीं है। पुलिस के प्रतिवेदन के बाद जिला न्यायालय ने केस डायरी में भी आशीष के खिलाफ विवेचना लंबित नहीं होना पाया है। आशीष ने संभावित गिरतारी से बचने के लिए जमानत अर्जी लगाई थी। शनिवार को इस पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
पुलिस का दावा है कि धोखाधड़ी के मामले में फिलहाल आशीष की भूमिका नहीं मिली है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 441 करोड़ की अवैध कमाई को लेकर भी जांच की जा रही है। इसमें एक पूर्वमंत्री के रिश्तेदार के शामिल होने की भी चर्चा है। उसने नवा रायपुर में निर्माण संबंधी कई काम किए हैं।
केके व अन्य पर एफआईआर के समय पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों का डिजिटल ऑडिट कराया था। इसमें 441 करोड़ की अवैध कमाई का पता चला था। पुलिस ने इस मामले की शिकायत ईडी और आयकर विभाग से भी की थी।
इसमें केके, उनका बेटा चंदन के अलावा आशीष का नाम भी उछला है। आशीष और चंदन के बीच 10 लाख के ट्रांजेक्शन पता चला है। बताया जाता है कि इसमें कई आरोपी शामिल हैं। इसमें सुनियोजित ढंग से भष्ट्राचार हुआ है। इसमें एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार के शामिल होने की चर्चा है।