1 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर के ट्रैफिक को स्पाइडर मैन ने संभाला! जय स्तंभ चौक पर देख लोग हुए हैरान

Raipur News: रायपुर की सड़कों पर ट्रैफिक संभालते हुए स्पाइडर मैन नजर आ जाएगा। वे आज मनोरंजन के साथ समाज सेवा का भी एक अलग उदाहरण बन चुके हैं। आइए जानते हैं कौशल के बारे में..

2 min read
Google source verification
Raipur city news, chhattisgarh news

जय स्तंभ चौक पर स्पाइडर मैन ने संभाला ट्रैफिक ( Photo - Patrika )

Raipur city news: ताबीर हुसैन. शहर की सडक़ों पर स्पाइडर मैन की पोशाक में ट्रैफिक संभालते या बच्चों के बीच चॉकलेट बांटते जिस युवक को लोग देखते हैं, वह कोई सुपरहीरो नहीं बल्कि रायपुर के कलाकार कौशल साकेत हैं। सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान खींचने वाले कौशल आज मनोरंजन के साथ समाज सेवा का भी एक अलग उदाहरण बन चुके हैं।

Raipur News: इस वजह से बनते हैं स्पाइडर मैन

कौशल बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना अच्छा लगता था। त्योहार हो, जन्मदिन हो या कोई खास अवसर, वे अक्सर अनाथालय और वृद्धाश्रम पहुंचकर लोगों के साथ समय बिताते रहे हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने स्पाइडर मैन और जोकर जैसे किरदारों का सहारा लिया, ताकि मनोरंजन के जरिए लोगों तक पहुंचा जा सके।

ऐसे मिली पॉपुलरटी

एक बार गणेश उत्सव के दौरान स्पाइडर मैन की वेशभूषा में बनाया गया उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद चंद्रयान थीम पर बनाए गए वीडियो ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। देखते ही देखते उनके वीडियो लाखों और फिर करोड़ों व्यूज तक पहुंचने लगे। लेकिन कौशल ने लोकप्रियता को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर सडक़ सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरुकता अभियान शुरू किया। स्पाइडर मैन की पोशाक पहनकर चौक-चौराहों पर लोगों को नियमों का पालन करने की अपील करने लगे। उनका मानना है कि यदि मनोरंजन के माध्यम से कोई अच्छा संदेश लोगों तक पहुंचे तो उसका असर ज्यादा होता है।

कोरियोग्राफी और अभिनय भी

कौशल साकेत पिछले डेढ़ दशक से छत्तीसगढ़ी मनोरंजन जगत से जुड़े हैं। वे अभिनय के साथ कोरियोग्राफी भी करते हैं और कई छत्तीसगढ़ी गीतों व एल्बमों में काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि स्पाइडर मैन उनका पेशा नहीं, बल्कि लोगों की मदद करने और खुशियां बांटने का एक माध्यम है। आज जब उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच रहे हैं, तब भी उनकी सबसे बड़ी खुशी अनाथालय के बच्चों की मुस्कान और सड़क पर जागरूक होते लोग ही हैं।