- हार्ट की समस्या से जूझ रहे मरीज की समय रहते बचाई जा सकेगी जान
रायपुर@ प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में एक ऐसा स्मार्ट वॉच बनाया गया है जो संबंधित व्यक्ति को बताएगा कि उसे हार्ट अटैक आने वाला है। कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने डॉक्टरों की टीम के साथ यह रिस्ट स्मार्ट वॉच तैयार किया है। इसमें लगा सेंसर बताएगा कि इसे पहनने वाले को हार्ट अटैक आने वाला है। इससे समय रहते संबंधित व्यक्ति अस्पताल पहुंच जाए और उसे दवाइयां देकर इलाज मिल सके। एसीआई में किए गए इस रिसर्च से अचानक आए हार्ट अटैक के बाद एंजियोप्लास्टी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे होने वाली मौतें भी कम हो सकेंगी। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि बिना किसी ब्लड टेस्ट के इस स्मार्ट वाच से आने वाले हार्ट अटैक का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। इस रिसर्च को अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा अपने सबसे महत्वपूर्ण रिसर्च प्रस्तुति कार्यक्रम लेट ब्रेकिंग क्लिनिकल ट्रायल में शामिल किया है। बता दें कि यह रिसर्च अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी न्यू ऑरलियन्स लॉस एंजिल्स अमेरिका में 4 से 6 मार्च 2023 तक होने वाले एसीसी के कार्यक्रम में प्रेजेंट किया जाएगा।
हार्ट पर किए गए 15 हजार शोध में 10 चयनित, इसमें यह शामिल
छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि एसीआई के कॉडियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव का नाम देश और यूएस के उन डॉक्टरों में शामिल हो गया हैं, जिन्होंने हार्ट अटैक का खतरा बताने वाले रिस्ट बैंड सेंसर को बनाया है। दुनियाभर में किए गए 15 हजार शोध में से अमेरिकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी (एसीसी) द्वारा 10 का चयन किया गया है, जिसमें यह रिसर्च शामिल है। यह शोध यूएसए के डॉ. पार्थो सेनगुप्ता के सहयोग से रायपुर से डॉ. स्मित श्रीवास्तव, नागपुर से डॉ. शांतनु सेन गुप्ता, डॉ. महेश चंदूलाल फुलवानी और डॉ. अजीज खान ने किया है।
सीवीडी की पहचान कर समय से पहले रोकी जा सकती है मौत
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि हार्ट की बीमारी (सीवीडी) विश्व स्तर पर मौत का प्रमुख कारण हैं। विश्व में हर साल अनुमानित 179 लाख लोगों की मौत हार्ट की बीमारी के कारण होती है। इनमें से एक तिहाई मौतें समय से पहले 70 साल से कम उम्र के युवाओं में होती हैं। सीवीडी के उच्चतम जोखिम वाले लोगों की पहचान करना और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें उचित उपचार मिले, समय से पहले होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
स्मार्ट वॉच से होंगे यह फायदे
1. इस स्मार्ट वॉच से बिना शरीर से ब्लड सैंपल निकाले ट्रोपोनिन का अनुमान लगाया जा सकता है।
2. दिल का दौरा पड़ने पर प्रारंभिक पहचान और उपचार हो सकेगा, इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
3. युवाओं को व्यायाम और डांस करते समय दिल का दौरा पड़ता है, इससे स्मार्ट वॉच उन्हें पहले ही अलर्ट कर देगा।
4. कई लोगों को दिल का दौरा पड़ता है और वे सोचते हैं कि यह गैस है, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
5. जिन मरीजों को हार्ट अटैक नहीं होता है लेकिन वे छाती के सभी दर्द को हार्ट अटैक समझकर घबरा जाते हैं, ऐसे लोगों के लिए भी यह स्मार्ट वॉच काफी मददगार साबित होगा।
जल्द मरीजों के लिए कराएगा जाएगा उपलब्ध
कार्डियोलॉजिस्ट एसीआई डॉ स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि कलाई में पहना जाने वाला यह स्मार्ट वॉच न सिर्फ रक्त परीक्षण के लिए लगने वाले समय और प्रयास को बचाएगा, बल्कि जान बचाने की क्षमता भी रखता है। कई लोग हार्ट बर्न और सीने में दर्द को एसिडिटी या गैस के रूप में लेते हैं और प्रारंभिक अवस्था में हार्ट रोग विशेषज्ञ के पास जाने से हिचकिचाते हैं। जब कलाई पर पहना जाने वाला उपकरण ट्रोपोनिन-आई की सही रीडिंग देता है, तो डॉक्टर जल्दी से पता लगा सकते हैं कि यह दिल का दौरा पड़ने का मामला है या सिर्फ एसिडिटी का। इसे जल्द मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।