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गर्ल्स हॉस्टल की 25 छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप

जिसमें से 12 बालिकाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

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Chhattisgarh news

गर्ल्स हॉस्टल की 25 छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक गल्र्स हास्टलों की स्थिति नहीं सुधर पा रही है। दूषित पानी पीने से शहर एक आवासीय स्कूल पढ़ाई करने वाली 25 छात्राओं की सेहत बिगड़ गई। जिसमें से 12 बालिकाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

नगर के शासकीय भोरमदेव कन्या शिक्षा परिसर में कक्षा 6 से 11 तक के छात्राएं रहकर अध्ययन करते हैं। गुरूवार की सुबह यहां के छात्राओं की तबीयत अचानक बिगडऩे लगी। टंकी के दूषित पानी का ही उपयोग पीने के लिए किया गया। इसके कारण छात्रावास के करीब 25 छात्राओं की तबियत बिगड़ गई। इसमें से 12 छात्राओं को जिला अस्पताल ले गए थे। जहां दवाई देकर वापस भेज दिया गया।

लेकिन अधिक संख्या में छात्राओं की सेहत खराब होने के कारण प्राचार्य द्वारा स्वास्थ्य जांच कराने डॉक्टर भेजने की मांग की गई है। दरअसल स्कूल में लाईट नहीं होने के चलते यहां के पानी पंप चालू नहीं हो पाया और पानी की सप्लाई ठप रही। जिसके कारण सुबह से छात्राओं को शौच व नहाने में परेशानी उठानी पड़ी, स्थिति यह थी कि छात्राओं के शौच और नहाने के लिए भी पानी नहीं था।

सुविधाओं का अभाव
प्रदेश में केवल 8 स्थानों पर शासकीय कन्या शिक्षा परिषर है, लेकिन इसकी स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। यहां न तो अब तक भवन निर्माण हुआ है और न ही स्टॉफ की पूर्ति हुई है। अव्यवस्था के कारण यहां परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कक्षा 6 वीं से 11 वीं तक की 200 से अधिक छात्राएं यहां रहकर पढ़ाई करती है। लेकिन भवन छोटा होने के कारण अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

35 सीटर हॉस्टल मेंं 200 छात्राएं
शासन-प्रशासन तमाम सुविधा मुहैया कराने की बात करता है, लेकिन कवर्धा के इस 35 सीट वाले कन्या शिक्षा परिसर में 200 छात्राएं किस तरह से रहती होंगी इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। एक बेड पर दो छात्राएं सो रही है। इससे प्रकार अव्यवस्था के बीच छात्रावास का संचालन हो रहा है। इससे छात्रावास में संक्रमण फैलता रहता है। इसी कारण गुरुवार को भी 25 छात्राओं की स्वास्थ्य बिगड़ गई। इस प्रकार जिले के कई छात्रावास व आश्रमों की स्थिति है। जहां एक ही बेड़ पर दो व दो से अधिक छात्राएं रहती है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा व्यवस्था सुधारने कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

करीब 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। जिसमें से सभी का इलाज हो गया। पानी नहीं होने के कारण कुछ परेशानी आई। अब सभी बच्चे स्वस्थ्य है।
प्रतिमा कोसरे, अधीक्षिका कन्या शिक्षा परिसर कवर्धा