10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

15 अगस्त को सरगुजा हो सकता है स्मोक फ्री घोषित, जानिए किन मानकों पर उतरना होता है खरा

Smoke Free City in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला 15 अगस्त 2021 को स्मोक फ्री (धूम्रपान मुक्त) जिला घोषित होने जा रहा है। जिला प्रशासन सरगुजा के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग ने एम्स रायपुर के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के सहयोग से सर्वे करवाया।

2 min read
Google source verification

रायपुर. Smoke Free City in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला 15 अगस्त 2021 को स्मोक फ्री (धूम्रपान मुक्त) जिला घोषित होने जा रहा है। जिला प्रशासन सरगुजा के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग ने एम्स रायपुर के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के सहयोग से सर्वे करवाया। 22, 23 और 24 जुलाई को विशेषज्ञों की टीम ने 533 सार्वजनिक क्षेत्रों में पहुंचकर निरीक्षण किया। मौके की तस्वीरों के साथ इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इसी रिपोर्ट के आधार पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ ने 7 अगस्त को सरगुजा कलेक्टर को पत्र लिखकर उन्हें रिपोर्ट की जानकारी दी। साथ ही लिखा, आपका प्रयास सराहनीय है। इसके पहले 26 जनवरी 2020 को रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बना जो स्मोक फ्री घोषित हुआ।

यह भी पढ़ें: वैक्सीनेशन में भुवनेश्वर देश में पहले नंबर पर, रायपुर में केवल 26 प्रतिशत लोगों को दोनों डोज

'पत्रिका' को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक एम्स के विशेषज्ञों ने भारत सरकार के कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों के तहत जशपुर नगर को मानकों पर परखा। पाया कि सरगुजा जिले में एक्ट का 95.7 प्रतिशत पालन हो रहा है। जबकि रायगढ़ में यह प्रतिशत 82.33 रहा। सूत्रों के मुताबिक 4-5 से जिला प्रशासन ने पुलिस प्रशासन, जिला स्वास्थ्य महकमा, स्कूल शिक्षा विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर जिले को स्मोक फ्री बनाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिए थे। जिसके नतीजे सामने हैं। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि हम सबकी 4 साल की मेहनत सफल हुई। यह सभी के संयुक्त प्रयास से ही मुमकिन हो पाया है।

यह भी पढ़ें: कोरोना काल में पहली बार संक्रमण दर 0.2 प्रतिशत पर, बीते 24 घंटे में इतने मरीज मिले

533 स्थानों पर पहुंची सर्वे टीम
जानकारी के मुताबिक एम्स की सर्वे टीम सरगुजा जिले के 7 में से 5 ब्लॉक अंबिकापुर, उदयपुर, लखनपुर, सीतापुर और मैनपाट के 533 सार्वजनिक क्षेत्रों में पहुंची। इनमें से 60 शहरी और 40 प्रतिशत क्षेत्र थे। इस दौरान रेलवे वेटिंग रूम,हॉस्पिटल बिल्डिंग, रेस्टोरेंट, कोर्ट बिल्डिंग, पब्लिक ऑफिस, सिनेमा हॉल, इम्युजमेंट सेटर, शॉपिंग मॉल, लाइब्रेरी को चुना गया, क्योंकि इन क्षेत्रों सर्वाधिक लोगों पहुंचते हैं। ये सबसे कॉमन सार्वजनिक स्थल कहलाते हैं।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में तीसरी लहर की आहट, मगर वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त, कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग

कोटपा एक्ट की इन धाराओं पर उतरना होता है खरा
धारा 4- किसी भी सार्वजनिक स्थल में बीड़ी, सिगरेट, हुक्का व सिगार पीने पर प्रतिबंध है।
धारा 5- तंबाकू उत्पाद का विज्ञापन दुकान, टीवी, अखबार, रेडियों और इंटरनेट पर प्रतिबंधित है।
धारा 6 ए- नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने या उससे बिकवाने पर प्रतिबंध है। दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
धारा 6 बी- शिक्षण संस्थान की बाहरी सीमा के 100 वर्ग गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने प्रतिबंधित है। जुर्माना, जेल का भी प्रावधान है।
धारा 7- तंबाकू उत्पाद को उसके दोनों मुख्य भाग के 85 प्रतिशत हिस्से में बिना चेतावनी खुली सिगरेट बेचना प्रतिबंधित है।
(- जैसा कि तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं कोटपा एक्ट के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया।)

यह भी पढ़ें: कोरोना संक्रमित मां के दूध में होता है वायरस! क्या बच्चे भी हो सकते संक्रमित, जानें एक्सपर्ट की राय

बड़े शहर रह गए पीछे- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा जो राज्य के बड़े शहर कहे जाते हैं। वे आज तक खुद को स्मोक फ्री सिटी घोषित करने की दिशा में कदम तक नहीं बढ़ा पाए हैं। जबकि पूर्व की सरकार के समय में शासन स्तर पर रायपुर-बिलासपुर को लेकर प्रस्ताव रखा गया था, मगर वह फाइलों तक ही सीमित रहा।