
सूखा नदी में रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण, चैन माउंटेन मशीन सील
फिंगेश्वर। ग्राम पथर्री के सैकड़ों ग्रामीणों ने रविवार को सूखा नदी में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी मिलने ही जिला खनिज अधिकारी फागुराम नागेश दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला खनिज अधिकारी ने अवैध रेत उत्खनन कार्य में लगे चैन माउंटेन मशीन को सील कर दिया।
पथर्री के ग्रामीणों का कहना है कि रेत माफियाओं के द्वारा गनेशपुर के स्वीकृत रेत घाट को छोडक़र नदी के अन्य हिस्सों से लगातार रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन का कार्य रात दिन धड़ल्ले से किया जा रहा है। फिंगेश्वर से लगे गणेशपुर रेत खदान शासन से स्वीकृत है। लेकिन रेत ठेकेदार द्वारा स्वीकृत इलाके को छोड़ पहले फिंगेश्वर नगर पंचायत अंतर्गत आने वाले सुखा नदी में मशीन से नदी के सीने को चीरते हुए अवैध उत्खनन के कार्य को अंजाम दिया और अब ग्राम पथर्री के सरहद में लगे नदी से अवैध तरीके से रेत उत्खनन कार्य में लगा हुआ था। पथर्री के ग्रामीणों ने उनके क्षेत्र में स्वीकृत रेत घाट में पहले से ही आपत्ति दर्ज करा दिया था कि हमारे ग्राम के सरहद से लगे नदी में रेत निकासी नहीं होने देंगे। रेत निकासी होने से नदी के अस्तित्व को खतरा होने के साथ ही नदी से रेत निकाले जाने से निस्तार व पीने के पानी की विकराल समस्या उत्पन्न होने लगती है।
ग्रामीणों का कहना है कि रेत ठेकेदार द्वारा स्वीकृत जगह को छोड़ अन्य दूसरे जगह से एक किलोमीटर से भी अधिक नदी के क्षेत्र में अवैध उत्खनन का कार्य किया है। वहीं पर्यावरण व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियम कायदों को पूरी तरह ताक में रखकर रेत का अवैध उत्खनन किया गया। नियम के मुताबिक वैध खदानों में भी पोकलेन, चैन माउंटेन जैसे मशीनों से रेत उत्खनन का कार्य नहीं करना है। बावजूद इसके रेत ठेकेदार दिन रात मशीन से नदियों की खुदाई कर रहे हैं।
Published on:
30 May 2023 04:10 pm
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