
स्वर्णिम भारत अभियान: महाशिवरात्रि पर प्लास्टिक मुक्त होगा पूजन, प्राचीन शिवालय में लगाया सूचना बोर्ड
रायपुर. पत्रिका के स्वर्णिम भारत अभियान से शहर के लोग उत्साह से जुड़ रहे है। अनेक सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं ने कार्यक्रम में स्वच्छता और प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प लिया है। पत्रिका की यह मुहीम मंदिरों तक पहुंच गई है। शंकराचार्य आश्रम सहित प्राचीन शिवालयों के पुजारियों ने महाशिवरात्रि पूजन इस बार प्लास्टिक मुक्त रखने का आव्हान किया है।
ऐतिहासिक बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बकायदे सूचना बोर्ड लगा दिया है। प्लास्टिक लेकर मंदिर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबन्ध है। वहीं अनेक सामाजिक संस्थाएं गुरुवार को शिव मंदिरों के आसपास वाली दुकानों में बांस से बनी टोकरी बांटने निकलेंगी।
महाशिवरात्रि पर्व 21 फरवरी को है। नो प्लास्टिक का उपयोग मुहीम के तहत बुढ़ेश्वर मंदिर सेवा समिति के सदस्यों ने बुधवार को मंदिर परिसर में शपथ भी लिया। महाशिवरात्रि के पवन अवसर पर प्रमुख्य शिवालय में सुबह से शाम तक आस्था छलकेगी। दुधिया रोशनी, तोरण से सजाया जा रहा है। हजारों की संख्या में लोग भोलेबाबा का अभिषेक पूजन करने पहुंचेंगे।
इसे देखते हुए मंदिर परिसर के आसपास पूजन सामग्री से लेकर फल, मिठाई और खानपान की दुकाने भी लगने लगी है। ऐसी जगहों में प[पत्रिका की मुहीम से जुड़कर अनेक सामाजिक संस्थाएं स्वच्छता और प्लास्टिक की थैली में पूजन सामग्री नहीं देने के लिए जागरूकता अभियान में शामिल होगी।
बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी, महेश शर्मा ने बताया की राजधानी का बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर एक हजार साल पुराना है। इस मंदिर का इतिहास विवेकानंद सरोवर से जुड़ा हुआ है। महाशिवरात्रि पर 108 किलो दूध से दुग्धाभिषेक होगा। पूजन पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रहेगा। पहले से मंदिर में सूचना बोर्ड लगा दिया गया है।
शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख , स्वामी इंदुभवानंद ने बताया कि पत्रिका का स्वर्णिम भारत अभियान जनकल्याणकारी है। महाशिवरात्रि पर्व पर शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला में महापूजन, अभिषेक का आयोजन होगा। प्लास्टिक लेकर आना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। भक्तों को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताया जा रहा है।
Published on:
20 Feb 2020 01:09 pm
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