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गरियाबंद जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने ओएलएफ के साथ किया एमओयू

ओपन लिंक फाउंडेशन एवं जिला प्रशासन गरियाबंद के मध्य एमओयू साइन किया गया। जिसके तहत जिले में विनोबा नामक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस प्रोग्राम में ओपन लिंक फाउंडेशन के द्वारा निर्मित एक ऐप टिकलिंक अर्थात विनोबा ऐप्प के माध्यम से शिक्षक सहायता कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। यह ऐप न केवल शिक्षकों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगी, बल्कि इसके माध्यम से टीचर रिकॉग्निशन व मोटिवेशन का कार्य भी किया जा सकेगा।

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गरियाबंद जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने ओएलएफ के साथ किया एमओयू

गरियाबंद जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने ओएलएफ के साथ किया एमओयू

गरियाबंद। ओपन लिंक फाउंडेशन एवं जिला प्रशासन गरियाबंद के मध्य एमओयू साइन किया गया। जिसके तहत जिले में विनोबा नामक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस प्रोग्राम में ओपन लिंक फाउंडेशन के द्वारा निर्मित एक ऐप टिकलिंक अर्थात विनोबा ऐप्प के माध्यम से शिक्षक सहायता कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। यह ऐप न केवल शिक्षकों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगी, बल्कि इसके माध्यम से टीचर रिकॉग्निशन व मोटिवेशन का कार्य भी किया जा सकेगा। इस ऐप के माध्यम से फील्ड की मॉनिटरिंग व विभिन्न तरह के कार्यक्रमों की डाटा विश्लेषण व समीक्षा भी संभव हो पाएगा। इस ऐप में जिले के सभी स्कूलों व शिक्षकों की जानकारियां फीड की गई है। सभी शिक्षकों को इसमें लोगों के माध्यम से अपने स्कूल व कक्षागत गतिविधियों व फोटो, वीडियो आदि शेयर करने की सुविधा होगी। जिसे संकुल ब्लॉक व जिला लेवल के अधिकारियों के द्वारा देखा जा सकेगा तथा निर्देश दिए जा सकेंगे।
जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर आकाश छिकारा व ओपन लिंक फाउंडेशन के ट्रस्टी राजीव कुमार व फाउंडर मैनेजिंग ट्रस्टी संजय डालमिया के मध्य एमओयू साइन किया गया। जिला प्रशासन गरियाबंद व ओपन लिंक फाउंडेशन पुणे महाराष्ट्र के मध्य एमओयू साइन किया गया। जिसके तहत गरियाबंद जिले में विनोबा कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पहली बार शुरुआत की गई है। विनोबा ऐप के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण सामग्रियां व शिक्षण प्लानिंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही सामग्री को एक-दूसरे से शेयर कर पाएंगे। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां ऑडियो-वीडियो माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। इस ऐप के माध्यम से दूरस्थ अंचल के स्कूलों में चल रही गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी संभव हो पाएगी। स्कूल की गतिविधियां संकुल तथा ब्लॉक व जिला लेवल से देखा जा सकेगा तथा डेटा विश्लेषण कर त्वरित उपाय व मार्गदर्शन किया जा सकेगा।
कलेक्टर छिकारा ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से टेक्नोलॉजी का उपयोग कर शिक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सकता है तथा अपने जिले एवं अपनी आवश्यकता के अनुसार शिक्षण सामग्री या अन्य प्रपत्र प्रसारित किए जा सकते हैं। गरियाबंद जिले को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्कूलों में पढ़ेगा बचपन अभियान के माध्यम से बच्चों में पढऩे की आदत डालने तथा पढ़ाई को रुचिकर बनाने पढ़ेगा बचपन अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत विद्यालयों में कई रुचिकर गतिविधियां कराई जा रही है। जिसमें बच्चों का रुझान पढ़ाई की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह आज मोबाइल, लैपटॉप कम्प्यूटर का एक क्रेज सा चल पड़ा है। बच्चे अपना अधिकांश समय इन गैजेट्स के साथ समय बिता रहे हैं। उनकी इस रुचि को अध्ययन व सीखने सिखाने में बदलने के कार्य कर रही एनजीओ जिसका नाम है ओएलएफ के साथ गरियाबंद जिला प्रशासन ने एक एमओयू किया है। ओएलएफ बच्चों को गैजेट्स के शैक्षिक इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित या प्रेरित करेगा। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत पदमनी हरदेल, डीएमसी के. एस. नायक, नोडल अधिकारी श्याम चंद्राकर, मनोज केला सहित शिक्षकगण उपस्थित थे।