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बरसा आय के आरो देथे जीव-जंतुमन

हमर गांव-देहात म मौसम के हाल अन्नदाता किसानमन घलो बताथें। किसान ह अपन आसपास के परकरीति ले अपन अनुभव ले जान डारथे के बरसा अवइया हे। चिरई-चुरगुन, जानवर, रूख-राई जम्मोझन म परिवरतन होथे। सारस जउन ल क्रौंच घलो कहिथन तेहा झुंड म उड़ाथे त किसानमन जान डारथें के अब बरसा होवइया हे, बीज बोये के तइयारी करे बर हे।

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बरसा आय के आरो देथे जीव-जंतुमन

बरसा आय के आरो देथे जीव-जंतुमन

हमर गांव-देहात म मौसम के हाल अन्नदाता किसानमन घलो बताथें। किसान ह अपन आसपास के परकरीति ले अपन अनुभव ले जान डारथे के बरसा अवइया हे। चिरई-चुरगुन, जानवर, रूख-राई जम्मोझन म परिवरतन होथे। सारस जउन ल क्रौंच घलो कहिथन तेहा झुंड म उड़ाथे त किसानमन जान डारथें के अब बरसा होवइया हे, बीज बोये के तइयारी करे बर हे।
रूख म जतिक ऊपर दिंयार चढ़थे त अच्छा बरसा के संकेत हे। मंयूर नरिताथे, मेचका कराते, घुघुआ चिल्लााथे त बरसा के संकेत हे। छेरी -बोकरा अपन कान ल जोर-जोर से फडफ़ड़ाथे, भेड़ीमन झुंड के झुंड चुपे ठाड़े रइही यानी भारी बारिस होवइया हे। कोलिहा दूूरिया ले हुआं हुआं करही त बरसा होहीच। सबले बड़े परमान चांटी ए। चांटी अपन अंडा धरके घर बदलत दिखिस त बरसा एकदम आठ दिन म होथे।
लीम रुख म बिकट फूल फुलिस त भारी बरसा होही। वोइसने चिरई ह रुख ऊपर डहर म खोंदरा बनाही त भारी बरसा होही अउ खाले डहर बनाही त मध्यम बरसा होही। मेकरा ह अपन जाला के बीच म बइठे रइही त मूसलधार बरसा होय के अनुमान लगाथें। चिरईजाम पाकिस के बरसा नजदीक हे। टेटका के मुड़ी लाल होइस के बरसा नजदीक हे। जुन्ना ज़माना म मनखेमन अउ चिरई-चिरगुन, जीव-जंतुमन अपन आसपास के हाव-भाव ले बरसा के अनुमान लगा डारे।
अभी तो आनी-बानी के माध्यम हे मौसम के हाल जाने के। बखत बेरा अउ मनखे के बिकास संग मनखे के सोच घलो बदल जाथे। फेर, अभी हमर गांव-देहात म ए जम्मो अनुभव ल थोर-बहुत मानथेच। अभी तो आनी-बानी के माध्यम हे मौसम के हाल जाने के। बखत बेरा अउ मनखे के बिकास संग मनखे के सोच घलो बदल जाथे। फेर, अभी हमर गांव-देहात म ए जम्मो अनुभव ल थोर-बहुत मानथेच।