
रायपुर @विनोद जैन। राजिम माघी पुन्नी मेला उस समय आस्था और परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे नागा साधु-संतों ने भगवान दत्तात्रेय के आह्वान के साथ भव्य पेशवाई निकाली।
दत्तात्रेय मंदिर में विधिवत शस्त्र पूजन के बाद प्रारंभ हुई इस पेशवाई में साधु-संतों ने अपने इष्ट देव भगवान दत्तात्रेय की मूर्ति को सुसज्जित पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण कराया।
पालकी यात्रा दत्तात्रेय मंदिर से सुंदरलाल शर्मा चौक, वीआईपी मार्ग और मेला मैदान होते हुए लोमष ऋषि आश्रम पहुंची। जयघोष, शंखनाद और भजन-कीर्तन के बीच नगर भ्रमण करती पालकी के दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान दत्तात्रेय एवं नागा साधुओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।पारंपरिक आलौकिक श्रृंगार में सजे नागा साधुओं ने पेशवाई के दौरान शस्त्र प्रदर्शन और अखाड़ों की परंपरागत कलाओं का प्रदर्शन किया, जिससे वातावरण रोमांच और भक्ति से सराबोर हो गया।
लोमष ऋषि आश्रम पहुंचने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान दत्तात्रेय को अखाड़ों के पंडाल में विराजमान किया गया।भारी जनसमूह को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
मेला प्रबंध समिति और पुलिस प्रशासन के समन्वय से पेशवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई, जिससे दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।पालकी में नगर भ्रमण पर निकले भगवान दत्तात्रेय के दर्शन से राजिम मेला श्रद्धा और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर बन गया।
Updated on:
08 Feb 2026 07:49 am
Published on:
08 Feb 2026 07:43 am
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