
नगर निगम ने शहर की प्रमुख सड़कों को ही बनाने में लापरवाही की है
रायपुर . राजधानी में पीडब्ल्यूडी विभाग ने सडक़ डामरीकरण में एेसा कारनामा कर दिया है कि अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कुछ दिन पहले बची राशि लैप्स न हो इसलिए डामरीकरण करने का टेंडर जारी किया गया। इसके बाद मार्च के आखिरी सप्ताह और अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आनन-फानन में कुछ जगहों पर प्रमुख मार्गों का डामरीकरण आधा-अधूरा कर दिया गया। कुछ जगहों पर तो सडक़ की सतह सीढ़ीनुमा बना दी गई है।
पीडब्ल्यूडी द्वारा सडक़ डामरीकरण के नाम किस तरह पैसा बर्बाद किया जा रहा है इसका ताजा उदाहरण शहर की दो प्रमुख सडक़ है। कालीबाड़ी के इंदिरा गांधी चौक से महिला थाना तक और इंदिरा गांधी चौक से बिजली ऑफिस तक की सडक़। ये दोनों सडक़ों का डामरीकरण साल में दो बार किया गया है। लेकिन रोड की जितनी चौड़ाई है, वहां तक डामरीकरण न कर कुछ हिस्से को छोड़ दिया गया है। इस कारण से सडक़ की पूरी चौड़ाई दो से तीन लेयर में है। जो सीढ़ी की तरह है।
राजधानी में ही कई इलाकों में डामरीकरण की मांग क्षेत्र के पार्षदों और रहवासियों द्वारा की जा रही है, लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी ने डामरीकरण नहीं किया है। इस कारण से सडक़ पर जगह-जगह गड्ढेे हो गए हैं। वाहन चालकों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। मठपुरैना, कुशालपुर, चंगोराभाठा, गोकुल नगर, संतोषी नगर, चौरसिया कॉलोनी, शिवानंद नगर, श्रीनगर, भनपुरी आदि क्षेत्रों की कॉलोनियों के पहुंच मार्ग का डामरीकरण पिछले चार-पांच साल से नहीं हुआ है।
पीडब्ल्यूडी द्वारा डामरीकरण में इतनी लापरवाही बरती जाती है कि बिना सडक़ की खुदाई किए ही पुराने रोड पर ही परत चढ़ा दी जाती है। इससे रोड की ऊंचाई बढ़ती जा रही है और आसपास के घरों-दुकानों और डिवाइडर की ऊंचाई कम होती जा रही है। कई इलाकों में तो रोड की ऊंचाई बढऩे से लोगों के घरों और दुकानों के दरवाजे नीचे हो गए हैं । बरसात में सडक़ का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुसने लगता है।
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राजीव नशीने ने बताया रात में डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। एक पट्टी लेकर डामरीकरण किया जा रहा है। पूरी चौड़ाई तक डामरीकरण किया जाएगा। डामरीकरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी ठेकेदार द्वारा होने नहीं दी जाएगी।
Published on:
15 Apr 2018 11:57 am
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