छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी अस्पतालों में सरकारी योजना में दांत का इलाज बंद करने के बाद बड़ा फैसला किया है। अब यहां प्राध्यापक का वेतन 1.20 लाख से 1.80 रुपए तक होगा। 10 साल बाद वेतनवृद्धि से डॉक्टर उत्साहित है। अब डेंटल के प्रति छात्रों का रूझान बढऩे की उम्मीद है।
रायपुर. राज्य सरकार ने शासकीय डेंटल कॉलेज रायपुर के संविदा डॉक्टरों को बड़ा तोहफा दे दिया है। प्राध्यापक से लेकर डेंटल सर्जन के वेतन में 60 से 20 हजार रुपए तक की वृद्धि कर दी गई है। यह राशि स्वशासी मद से दी जाएगी। डॉक्टर बीते 10 सालों से वेतनवृद्धि की मांग कर रहे थे, जिस पर 12 दिसंबर को हुई स्वशासी समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मुहर लगाई थी।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से निजी दंत चिकित्सालयों को बाहर कर दिया । महीनेभर पहले हुए इस फैसला का असर डेंटल कॉलेज पर पड़ा रहा है। ओपीडी 300 की 450 से अधिक पहुंच गई है। मरीजों के बढ़ते भार पर वेतनवृद्धि से डॉक्टर को बड़ी राहत मिली है। चर्चा तो इस बात को लेकर भी थी कि कुछ डॉक्टर कम वेतन और मरीजों के बढ़ते भार को देखते हुए नौकरी छोडऩे की तैयारी में थे।
प्राचार्य भी संविदा पर
शासकीय डेंटल कॉलेज प्राचार्य डॉ. बिश्वजीत मिश्रा अपनी नियुक्ति के समय से संविदा पर हैं और प्राचार्य हैं। यहां 40 से अधिक डॉक्टर संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वेतनवृद्धि से डॉक्टर और अधिक उत्साह से सेवा देंगे। जहां तक आईपीडी को लेकर आपका सवाल है तो शुरू कर सकते हैं, लेकिन एनिस्थिसियोलॉजिस्ट नहीं मिल रहा है।
30 बिस्तर का अस्पताल अभी नहीं खुलेगा
डेंटल कॉलेज में 30 बिस्तर का अस्पताल प्रस्तावित है, मगर एनिस्थिसियोलॉजिस्ट नहीं मिलने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। यहां आईसीयू भी नहीं है। यही कारण है कि आईपीडी शुरू नहीं हो पा रही है। अभी डेंटल कॉलेज के मरीजों के ऑपरेशन आंबेडकर अस्पताल में ही होते हैं।
पदनाम संविदा वेतन स्थापना अनुदान/स्वशासी की राशि कुल
प्राध्यापक 85,000 95,000 1,80,000
सह-प्राध्यापक 75,000- 70,000 1,45,000
व्याख्याता 46,000 40,000 86,000
रेसीडेंट/ट्यूटर 30,000 30,000 60,000
डेंटल सर्जन 40,840 20,000 60,840