
यह था नया रायपुर का मास्टर प्लान, जिससे १० पीछे चल रही अभी की स्थिति
रायपुर. नया रायपुर के मास्टर प्लान के मुताबिक वर्ष 2011 तक 1 लाख की आबादी बस जानी थी, लेकिन जिम्मेदार ही नहीं गए, हालात यह है कि वर्ष 2018 की स्थिति में नया रायपुर के लेयर-1 में रहने वाले रहवासियों की संख्या 10 हजार भी नहीं है।
यहां बमुश्किल दो से ढ़ाई हजार कर्मचारी ही निवास कर रहे हैं, जबकि लेयर-1 के 13 गांवों की आबादी पर गौर करें तो इनकी संख्या लगभग 7 हजार है। इस तरह यदि गांवों को मिलाकर भी नई राजधानी में रहवासियों की आबादी का आंकलन करें तो 2011 के मास्टर प्लान में तय आबादी का 10 फीसदी हिस्सा भी नहीं है। नया रायपुर का मास्टर प्लान 10 साल पीछे चल रहा है। इस मामले में नया रायपुर विकास प्राधिकरण का दावा है कि नया रायपुर में 40 से 50 हजार की आबादी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसमें आने-जाने वाले अधिकारी-कर्मचाारियों की संख्या को भी जोड़ा जा रहा है, जबकि मंत्री से लेकर अधिकारी-कर्मचारी यहां सिर्फ काम करने आ रहे हैं, जबकि निवास रायपुर में ही है।
जवाब- नई राजधानी की योजना में समय-समय पर इस तरह की राशि खर्च होती है। हम कोशिश करेंगे कि वित्तीय भार कम हो।
राज्य सरकार के मंत्री-अधिकारी नया रायपुर में बसाहट लाने के लिए इनवेस्टर्स मीट से लेकर कई आयोजन कर रहते हैं। इसके लिए कई बार विदेशों का दौरा किया गया, जिसमें चीन व अन्य देश शामिल हैं। दिल्ली, मुंबई में सचिव स्तर के अधिकारियों को निवेश के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन नया रायपुर में निवास करने के लिए कभी भी अधिकारी व मंत्री ने आगे बढक़र रूचि नहीं दिखाई। बसाहट नहीं आने की वजह से यहां निवेश करने वाली कई बड़ी कंपनियों ने मुंह मोड़ लिया।
नया रायपुर में अब तक निजी व सरकारी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में खर्च की गई राशि पर नजर डालें तो यह १० हजार करोड़ से भी अधिक है। नया रायपुर में वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, निजी यूनिवर्सिटी, ट्रिपल आईटी भवन, मंत्रालय, संचालनालय, जंगल सफारी, 6 लेन चौड़ी सडक़ें, विद्युतीकरण, इंटरटेनमेंट जोन, सत्य सांई हॉस्पिटल, बाल्को कैंसर अस्पताल आदि शामिल हैं। आबादी नहीं आने की वजह से निवेश करने वाले घराने भी घाटे में चल रहे हैं। कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट वर्तमान में अधर में हैं।
नया रायपुर विकास प्राधिकरण ने 2031 के मास्टर प्लान में 5.60 लाख आबादी के मुताबिक नया रायपुर में इफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, लेकिन यह संभावन कम नजर आ रही है कि आने वाले 13 वर्षों में मास्टर प्लान के मुताबिक आबादी की बसाहट हो पाएगी।
Published on:
12 Aug 2018, 8:45 AM IST
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