
विधानसभा का मानसून सत्र: सदन के तीसरे दिन विपक्ष ने उठाया महिला विधायकों से बदसलूकी का मामला
रायपुर . नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने पुलिस और अफसरशाही पर सख्त टिप्पणियां की। उन्होंने कहा, बजट में पुलिस विभाग के लिए राशि की व्यवस्था की गई है। जिस विभाग को यह पैसा दिया जा रहा है, वह विधायक से मारपीट करती है। महिला खिलाडिय़ों के साथ छेड़छाड़ हुई, शिकायत करने पर पुलिस ने कोच को ही पीट दिया।
विधायक एफआइआर दर्ज कराने पहुंचे तो उल्टे लाठीचार्ज हुआ। उन्होंने कहा, मानपुर-मोहला की महिला विधायक का अधिकारी ने हाथ पकड़ लिया। एक और महिला विधायक के साथ ऐसी ही बदसलूकी हुई, शिकायत के बावजूद एफआइआर दर्ज नहीं हुई। ऐसे लोगों के लिए एक भी पैसा क्यों दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, अफसर हैं तो उनका चार गुना सम्मान है, लेकिन उनका भी दायरा तय होना चाहिए। एक राष्ट्रीय दल का अध्यक्ष आता है तो अधिकारी उसकी व्यवस्था में ऐसे लग जाते हैं, जैसे घर की बारात। उस अधिकारी को वैसी ही व्यवस्था के लिए उस जिले में भी बुलाया जाता है जहां पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी आने वाले हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, जब एफसीआइ बाहर से 43 रुपया प्रति किलो चना खरीद रही थी, तब आपने किसानों को 28 रुपए की दर से बेचने को मजबूर किया। उसके बाद एक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है, यह अदूरदर्शिता है। अनुपूरक में 12 हजार रुपए में पढ़ाने को मजबूर विद्या मितानों के लिए व्यवस्था क्यों नहीं है। मितानिनों, अनियमित कर्मचारी उनकी चिंता क्यों नहीं शामिल है। शिक्षाकर्मियों के संविलियन में 8 वर्ष की बाध्यता क्यों है।
शून्यकाल में कांग्रेस सदस्यों ने विमल चोपड़ा के साथ आइपीएस द्वारा की गई मारपीट को विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए चर्चा की मांग की। वहीं भाजपा के सदस्य शिवरतन शर्मा ने भिलाई की एक नेत्री के साथ एक राष्ट्रीय दल के नेता द्वारा यौन शोषण का मामला उठाया। विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, विधायक के साथ मारपीट के बाद भी आईपीएस पर कार्रवाई नहीं की गई। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने विधायक शिवरतन शर्मा की सूचना को अमान्य कर दिया।
कें द्रीय मंत्रिपरिषद द्वारा धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा, देश के किसानों के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री ने कहा, अब धान का समर्थन मूल्य 1550 रुपया प्रति क्विंटल से बढक़र 1750 रुपया हो गया है। राज्य सरकार 300 रुपया प्रति क्विंटल बोनस देती है। प्रधानमंत्री के फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों को 2050 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा।
कांग्रेस ने फिर याद दिलाया वादा : कांग्रेस विधायकों ने कहा, भाजपा ने 2100 रुपया समर्थन मूल्य और 300 रुपया प्रति क्विंटल बोनस का वादा किया था। बोनस को मिलाकर यह राशि 2400 रुपया होती है। अभी दोनों को मिलाकर भी बात 2100 तक नहीं पहुंची। ऐसे तो वादा पूरा नहीं हुआ।
Published on:
05 Jul 2018 09:01 am
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