
इस IPS अफसर ने पेश की गजब की मिसाल, जिसे जानकर आप भी करेंगे सलाम
रायपुर. सरकारी स्कूल में आला आईपीएस अधिकारी की बेटी का दाखिला। यही नहीं, अधिकारी की पत्नी भी उसी स्कूल में बच्चों को बिना कोई तनख्वाह लिए पढ़ाएंगी। यह मिसाल पेश की छत्तीसगढ़ सरकार के स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो के एसपी डी रविशंकर ने। उन्होंने अपनी बेटी दिव्यांजलि का दाखिला राजधानी स्थित शांतिनगर प्राथमिक शाला की दूसरी कक्षा में कराया है। इस स्कूल की सूरत भी बाकी सरकारी स्कूलों की तरह सुविधाविहीन है। अब आईपीएस इसके बावजूद उन्होंने बेटी का दाखिला वहां कराया।
आईपीएस डी रविशंकर कहते हैं, सरकारी स्कूल में बच्चों पर ज्यादा पढ़ाई का बोझ नहीं होता है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। यहां पर पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भी बच्चे भाग ले सकते हैं। उन्होंने खुद बीएसपी भिलाई के सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की है।
अब सुधरेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
शांतिनगर प्राथमिक शाला के शिक्षकों का कहना है, प्रायवेट स्कूल की तर्ज पर ज्यादा सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन क्लासरूम और वाटर फिल्टर की प्रॉपर सुविधा है। क्लासरूम में पंखा और लाइट्स की भी व्यवस्था है, लेकिन अधिकारियों के बच्चे पढ़ेंगे तो सुविधा बढ़ेगी।
यूपी में कोर्ट के फैसले का कोई असर नहीं दिखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला दिया था कि सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को अपने बच्चों को दाखिला सरकारी स्कूलों में कराना चाहिए। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। उत्तरप्रदेश में तो इस फैसले पर अमल शुरू होता नहीं दिखाई दिया, लेकिन छत्तीसगढ़ में अफसरों की पहल जरूर शुरू कर दी है।
संगीत की शिक्षा देने की चाहत
रविशंकर कहते हैं, दिव्यंजलि की रुचि संगीत में देखने को मिल रही है, जिससे सरकारी स्कूल में समय काफी मिलेगा। स्कूल के बाद वह संगीत की क्लास भी ज्वॉइन कर सकती है।
पत्नी भी देंगी नि:शुल्क शिक्षा
आईपीएस की पत्नी डी.ललिता पहले डीएसपी भिलाई में टीचर थीं, लेकिन अब वे भी बिटिया के स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा देंगे। वे भी वहां पर बच्चों को क्लास में हिन्दी पढ़ाएंगी। वे कहती हैं, बच्चों के विकास के लिए जितना संभव हो सके मदद करूंगी। मुझे खुशी होगी कि सभी बच्चे आगे बढ़े।
इन्होंने भी पेश की मिसाल
पिछले दिनों बलरामपुर के कलक्टर अवनीश कुमार शरण और विधायक शिवशंकर साय ने अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में दाखिला कराया था। कलक्टर ने प्रज्ञा प्राथमिक शाला में अपनी बेटी वेदिका शरण का पहली कक्षा में एडमिशन कराया है। इससे पहले उन्होंने अपनी बच्ची को एक साल तक आंगनबाड़ी में पढऩे के लिए भेजा था।
Updated on:
04 Aug 2017 12:10 am
Published on:
04 Aug 2017 12:02 am
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