दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी श्याम सुंदर राव के बारे में बताया। श्याम सुंदर शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 का संविदा कर्मचारी था। कुछ साल पहले उसे बर्खास्त कर दिया गया था। भीष्मनारायण, धनेश्वरी और श्याम सुंदर तीनों ने मिलकर कई लोगों को ठगा है। आरोपियों ने रायपुर, दुर्ग और आसपास के जिलों के 20 से ज्यादा युवक-युवतियों को इसी तरह ठगा है। उनसे 20 लाख से ज्यादा लेकर भाग निकले थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।