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तबादला नीति को आज सरकार दे सकती है मंजूरी, कुछ ही देर में शुरू होने वाली है साय कैबिनेट की बैठक

Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कुछ देर में साय कैबिनेट की बैठक होने वाली है। अनुमान लगाए जा रहे हैं कि साय सरकार कर्मचारियों की तबादला नीति को मंजूरी दे सकती है..
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 23 Jun 2026, 10:20 AM IST

sai cabinet Meeting

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ( Photo - DPR Chhattisgarh )

Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने वाली है। सुबह 11.30 बजे से होने वाली इस बैठक को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता कर्मचारियों में ही। उन्हें उम्मीद है कि इस बार की कैबिनेट में सरकार तबादला नीति को मंजूरी दे सकती है। दरअसल, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी है।

Cabinet Meeting: मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा

इसके बाद छत्तीसगढ़ में उम्मीदें बढ़ गई है। ( Today Cabinet Meeting) इसके अलावा कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। इसमें कई संशोधित विधेयक को मंजूरी दी जा सकती है। साथ ही खाद के संकट को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा होने की उम्मीद है। बता दें कि जून में दूसरी बार कैबिनेट की बैठक हो रही है। इससे पहले कैबिनेट की बैठक 9 जून को हुई थी।

पांच दिन चलेगा मानसून सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होगा। राज्य सरकार ने विधानसभा का मानसून सत्र 13 से 17 जुलाई तक आहूत करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बीच हुई चर्चा के बाद सत्र की अवधि और तिथियों पर सहमति बनी, जिसके बाद राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। इसके साथ ही विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस दौरान सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देगी, वहीं विपक्ष को भी सरकार को घेरने का अवसर मिलेगा। विधानसभा सत्र को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्रदेश में बना हुआ है खाद संकट

छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। इधर किसान अभी भी खाद के लिए भटक रहे हैं। कई जगहों से लगातार शिकायतें मिल रही है। ऐसे हालात में किसानों की किस तरह से मदद किया जाए इस पर आज चर्चा संभव है। बता दें कि इस बार देरी से मानसून छत्तीसगढ़ पहुंचा है। हालांकि अभी पूरे प्रदेश को कवर करने में 4 से पांच दिन का समय लगेगा। जिसके बाद ही खेती किसानी का काम जोर पकड़ेगा।