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टाउंस ब्रॉक्स सिंड्रोम.. छत्तीसगढ़ में मिला दुनिया का 9वां केस, आंबेडकर अस्पताल में हो रहा इलाज

Touns Brox Syndrome: छत्तीसगढ़ में एक दुर्लभ बीमारी का पता चला है। दुनिया का 9वां टाउंस ब्रॉक्स सिंड्रोम मरीज मिला है, जिसका इलाज आंबेडकर अस्पताल में हो रहा है..
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 15 Mar 2026, 12:26 PM IST

ambedkar hospital

छत्तीसगढ़ में मिला दुनिया का 9वां केस, आंबेडकर अस्पताल में भर्ती ( Photo - Patrika )

touns brox syndrome patients: पीलूराम साहू. प्रदेश में दुनिया का 9वां टाउंस ब्रॉक्स सिंड्रोम (टीबीएस) का मरीज मिला है। यह रेयर ऑफ रेयरेस्ट बीमारी है, जो अनुवांशिक होती है। मरीज का इलाज राजधानी स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। दरअसल मेडिकल लिटरेचर में दुनिया में इस बीमारी के गिनती के मरीज हैं। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की उम्र 8 साल के आसपास है। मरीज के कान में विकृति है, जिससे सुनने में परेशानी हो रही है। हाथ-पैर के अंगूठे की बनावट में खराबी है। किडनी भी सामान्य ढंग से काम नहीं कर रही है।

इसलिए मरीज का इलाज किडनी रोग विभाग में चल रहा है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 15 दिन बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है। यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है। जिसमें शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते हैं। कान, अंगूठे व किडनी के अलावा गुदा में असामान्य विकार आता है, जो इलाज के बाद भी ठीक नहीं होता। यह बीमारी माता-पिता से विरासत में मिलती है, जिसे जेनेटिक कहा जाता है। यानी जन्म से ही बच्चे में बीमारी होती है। यह सेल 1 जीन में परिवर्तन के कारण होती है।

Touns Brox Syndrome: हियरिंग एड से सुनने का प्रयास

चूंकि इस बीमारी में सुनने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है इसलिए हियरिंग एड से मरीज को सुनने में मदद दी जाती है। प्रदेश में जो मरीज मिला है, उसे हियरिंग एड की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार शारीरिक लक्षणों के अनुसार व जेनेटिक टेस्टिंग से बीमारी की पहचान की जाती है। बीमारी की पहचान 1972 में फिलिप एल. टाउंस व एरिक ब्रॉक्स ने की थी। इसलिए इस बीमारी का नाम दोनों वैज्ञानिकों के नाम पर पड़ा है।

बीमारी के मुख्य लक्षण

  • कान का आकार असामान्य होना, जिससे सुनने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है।
  • गुदा बाधित होना या न खुलना। कुछ केस में जन्म के बाद ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है।
  • अंगूठे की बनावट में विकृति। जैसे छोटा, अतिरिक्त या दो-तीन पोर वाला अंगूठा। - किडनी में समस्या। सामान्य ढंग से काम नहीं करता।

नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में टाउंस ब्रॉक्स सिंड्रोम का जो मरीज भर्ती हुआ है, वह दुनिया का 9वां केस है। मरीज हाल ही में इलाज कराने आया था। उसे छुट्टी दे दी गई है और 15 दिनों बाद बुलाया गया है। किडनी में भी खासी समस्या है।