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Census: छत्तीसगढ़ में आज से मकानों की जनगणना, प्रगणक पहुंचेंगे हर घर, पूछेंगे 33 सवाल

Census: पहली बार हर मकान और परिवार की डिजिटल गणना होगी। इसके लिए 62 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रदेशभर में जनगणना के पहले चरण का काम 30 मई तक होगा।

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Census: छत्तीसगढ़ में आज से मकानों की जनगणना, प्रगणक पहुंचेंगे हर घर, पूछेंगे 33 सवाल

प्रगणक पहुंचेंगे हर घर (Photo AI)

Census: छत्तीसगढ़ में स्व-गणना का काम बंद हो गया है। अब 1 मई प्रगणक घर-घर पहुंचकर मकान और परिवार की गणना करेंगे। इसमें वे 33 सवाल पूछेंगे। इसमें मकान की िस्थति, परिवार की जानकारी, परिवार में उपलब्ध सुविधाएं और परिवार में मौजूद परिसंपत्तियों की जानकारी लेंगे। यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी।

इसलिए जनगणना निदेशालय ने अपील की है कि सभी व्यक्ति सही जानकारी दें, ताकि इसके आधार पर भारत के विकास का सही रोडमैप तैयार हो सकें। पहली बार हर मकान और परिवार की डिजिटल गणना होगी। इसके लिए 62 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रदेशभर में जनगणना के पहले चरण का काम 30 मई तक होगा।

जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारी भी लगभग पूरी हो गई है। इसे लेकर बुधवार को जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की थी। इसमें अभियान की कार्ययोजना, डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जानकारी सीधे केंद्रीय सर्वर में होगा अपलोड

इस बार मकान सूचीकरण और जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रगणकों को मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जानकारी दर्ज करनी होगी। फील्ड से प्राप्त आंकड़े सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड होंगे, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्य की निगरानी भी आसान होगी।

फोटो युक्त पहचान पत्र

जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सुरक्षा तय करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं। शहरी क्षेत्रों, बंद गेट वाली कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है, ताकि प्रगणकों को प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न हो और कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे।

कोई भी क्यूआर कोर्ड स्कैन नहीं करें

इस जनगणना में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी के भी कहने पर कोई भी क्यूआर कोर्ड स्कैन नहीं करें। इसके अलावा किसी भी प्रकार की फाइल डाउनलोड करें। पूरी जनगणना में अफसरों की नजर रहेगी। इसलिए सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। आम नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध रहेगा।