
67 पुलिसकर्मियों के तबादले (photo source- Patrika)
Transfer News: अंबिकापुर के संजय पार्क में श्वानों के हमले में 15 हिरणों की मौत के बाद दो आईएफएस अधिकारियों को हटा दिया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर वन विभाग के विशेष सचिव जनक कुमार पाठक द्वारा इसका निर्देश जारी किया गया है। इसमें प्रभाकर खलखो को सरगुजा से हटाकर कोरिया में वन उप संरक्षक (प्रादेशिक) बनाया गया है। उनके स्थान पर चन्द्रशेखर शंकर सिंह परदेशी को कोरिया से सरगुजा में प्रभारी वन संरक्षक (कार्य योजना मंडल) की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही घटना के बाद हिरणों को जलाने और मामले की लीपापोती करने पर जांच टीम का गठन किया गया है। बता दें कि पत्रिका ने खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 3 वनकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया था।
मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर ने गंभीर लापरवाही मानते हुए वन वाटिका के प्रभारी सहित तीन सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार उपवनक्षेत्रपाल (एससीएफओ) एवं प्रभारी अशोक सिन्हा, सहायक वनपाल ममता परते, प्रतिमा लकड़ा और बिंदु सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत निलंबित किया गया है। अधिकारियों पर वन्य प्राणियों के संरक्षण में घोर उदासीनता का आरोप है।
अंबिकापुर स्थित संजय वन वाटिका में 5 श्वानों ने 21 मार्च को बाड़े में घुसकर हिरणों पर हमला कर दिया था। जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई थी। घटना के बाद वाटिका प्रबंधन द्वारा मामले को दबाने के लिए 14 हिरणों के शवों को जंगल में चुपचाप जला दिया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय डीएफओ को एक हिरण का शव मिला था। वहीं, घटनास्थल पर शवों को जलाने के साक्ष्य भी मिले थे।
घटना में कुल 15 हिरणों की मौत हुई, जिनमें कोटरा, चीतल और चौसिंघा प्रजाति शामिल हैं। मृतकों में नर और मादा दोनों शामिल हैं। घटना के बाद एक और हिरण की मौत होने की भी पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक, 4-5 आवारा कुत्ते बाड़े में घुस गए और हिरणों पर हमला कर दिया। इस हमले में बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत हो गई, जिससे वन वाटिका की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Updated on:
24 Mar 2026 02:14 pm
Published on:
24 Mar 2026 02:14 pm
