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छत्तीसगढ़ से पाकिस्तान भेज रहे थे संदिग्ध केमिकल, एक ट्रक पकड़ाया

ओडिशा की भवानीपटना पुलिस ने संदिग्ध केमिकल लदे एक ट्रक को पकड़ा।

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ओडिसा में ट्रक पकड़े जाने के बाद कारोबारी ने पुलिस के समक्ष दस्तावेज पेश किया। इसमें पाकिस्तान के करांची स्थित एक कारोबारी को भेजे जाने वाले माल की पूरी डिटेल थी।

रायपुर . ओडिशा की भवानीपटना पुलिस ने संदिग्ध केमिकल लदे एक ट्रक को पकड़ा। छत्तीसगढ़ के भिलाई से चला यह ट्रक विशाखापट्टनम बंदरगाह जा रहा था। वहां से उसमें लदा माल पाकिस्तान भेजा जाना था। पाकिस्तान के नाम पर पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए ट्रक को रोककर दस्तावेजों की जांच की। पुष्टि के लिए उसे रायपुर और भिलाई पुलिस को भेजा।

सूचना के बाद पुलिस टीम ओडिशा से लेकर रायपुर और भिलाई तक इसके इनपुट खंगालती रही। इसे भेजने वाले कारोबारी और ट्रांसपोर्टर को तलब किया गया था। उधर ओडिसा पुलिस ने ट्रक में बरामद माल का नमूना जांच के लिए लैब भेज दिया था। साथ ही बीडीएस की टीम बुलवा ली गई थी। दिनभर चली कसरत के बाद पता चला कि यह केमिकल एल्युमिनियम सल्फेट था। इसका इस्तेमाल पानी साफ करने में किया जाता है। इसके दस्तावेज पेश करने के बाद पुलिस ने माल सहित वाहन को छोड़ दिया। बताया जाता है कि ट्रक पकड़े जाने के सूचना से खुफिया विभाग से लेकर राज्य पुलिस के अफसर तक सक्रिय हो गए थे। ओडिसा पुलिस से ट्रक और ड्राइवर के पास मिले दस्तावेजों की तस्वीरें तक मंगवाए गए थे।

ट्रक का नंबर रायपुर के तेलीबांधा निवासी एक व्यक्ति का था। पुलिस टीम वहां पहुंची तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। बाद में पता लगा कि वे लोग भिलाई शिफ्ट हो गए हैं। भिलाई ट्रांसपोर्ट दफ्तर से मालिक का पता लगाने के बाद उसे तलब किया गया।

भिलाई के नंदनी स्थित ट्रांसपोर्ट के दफ्तर में पुलिस ने छापेमारी की। ट्रांसपोट्रर से पूछताछ कर कारोबारी को बुलवाया गया था। इस दौरान पूरे दस्तावेजों की छानबीन की गई और इसके कारोबारी का पुराना रिकॉर्ड तक खंगाला गया। बताया जाता है कि अचानक पुलिस की दबिश से कर्मचारी दहशत में आ गए थे। ज्ञात हो कि रायपुर में 8 वर्ष पहले आमानाका और खमतराई स्थित ट्रांसपोर्ट के दफ्तर से माओवादियों द्वारा भेजा गया विस्फोटक बरामद किया गया था।

ओडिसा में ट्रक पकड़े जाने के बाद कारोबारी ने पुलिस के समक्ष दस्तावेज पेश किया। इसमें पाकिस्तान के करांची स्थित एक कारोबारी को भेजे जाने वाले माल की पूरी डिटेल थी। लेकिन, दोनों राज्यों की पुलिस ने पूरी तरह से जांच करने के बाद ट्रक को रवाना किया। दुर्ग एसपी संजीव शुक्ला ने बताया कि समझौते के तहत ही एल्युमिनियम सल्फेट के टुकड़े भेजे जा रहे थे। लेकिन, गलत सूचना के चलते पुलिस को दिनभर परेशान होना पड़ा।