मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा नई सुविधा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है.
इसके तहत परिवहन विभाग की ओर से परिवहन सुविधाओं को लगातार वाहन स्वामी के घर के पास ही उपलब्ध कराया जा रहा है. इसी कड़ी में नये ख़रीदे जाने वाले कमर्शियल गाड़ी के परमिट आवेदन भी अब गाड़ी ख़रीदने समय गाड़ी विक्रेता डीलर के द्वारा किया जा सकेगा.
नई गाड़ी के परमिट के लिए आवेदन देने के लिए अलग से परिवहन कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 3000किग्रा और उससे अधिक से सभी कमर्शियल गाड़ियो को परमिट अनिवार्य रूप से लेना रहता है । परमिट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर परिवहन कार्यालय आना पढ़ता जहाँ से परमिट बना कर निर्धारित प्रारूप सील मोहर लगा कर परमिट जारी किया जाता है।
क्यों बनाये परमिट
नई गाड़ी ख़रीदने वाले बहुत से वाहन क्रेता परमिट बनाने के लीगल आवश्यकता की जानकारी नहीं रखते है ।ख़ासतौर से छोटी कमर्शियल गाड़ी ख़रीदने वाले क्रेता के द्वारा केवल पंजीयन की आवश्यकता समझ कर परमिट नहीं बनाया जाता और गाड़ी के पंजीयन को पूर्ण दस्तावेज मान लेते है । परंतु जब गाड़ी कोई दुर्घटना हो जाती है तो परमिट नहीं की दशा में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा बीमा राशि नहीं दिया जाता है और गाड़ी मालिक वित्तीय भार परेशान होता है।