
रायपुर . राजधानी में कछुआ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।कछुओं को मुंबई से राजनांदगांव लाया जाता था। इसके बाद दूसरे शहरों के दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था। इन दिनों कछुओं को घर पर रखने का ट्रेंड चल रहा है। इसलिए इस काम में भारी मुनाफे को देखते हुए राजनीति से जुड़े कुछ लोगों के रिश्तेदार यह धंधा कर रहे हैं।
कछुए की मांग बढ़ने के पीछे दो बड़े कारण सामने आए हैं। पहला घर में कछुआ रखने से धन-संपत्ति और समृद्धि बढ़ने की मान्यता और दूसरा तंत्र-मंत्र के जरिए पैसा दोगुना होने का अंधविश्वास। कई लोगों का अंधविश्वास है कि 21 कछुए की खोल के साथ पूजा-पाठ करने से पैसे दोगुने हो जाते हैं। इसके चलते तांत्रिक गतिविधियों से जुड़े कई लोग कछुए खरीदते हैं।
पुलिस ने इस नेटवर्क का खुलासा करते हुए राजनांदगांव के राहुल पंजवानी और रायपुर के विवेक धु्रव को गिरफ्तार किया है। राहुल को बचाने के लिए विधायकों और नेताओं ने पुलिस पर दबाव बना रखा था। देर रात तक पंडरी थाने में नेताओं के फोन आते रहे। राहुल अब तक लाखों रुपए के कछुए बेच चुका है। वह रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के दुकानों और अन्य लोगों को कछुए की सप्लाइ करता है।
दो-तीन सौ रुपए में एक कछुआ मिलता है, जो छत्तीसगढ़ में 15 सौ से दो हजार रुपए तक में बिकता है। इस कारण राहुल पिछले कई सालों से यह धंधा कर रहा था। इससे पहले भी उसके दुकान में छापा पड़ा था। मुंबई के कछुआ तस्करों से उसके संबंध हैं। राहुल की राजनांदगांव और रायपुर के कुछ भाजपा नेताओं से रिश्तेदारी है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही नेता सक्रिय हो गए थे और उसे बचाने की कोशिश में लगे रहे।
छापे में मिले 20 कछुए
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने राजनांदगांव में राहुल की दुकान और रायपुर में विवेक की दुकान में छापा मारा था। दोनों जगह से 20 छोटे कछुए मिले हैं। सभी बच्चे हैं। और देशी प्रजाति के हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्याप्राणी संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पुलिस ने अशोका हाइट्स के इंजीनियर अमित गोयल और कारोबारी सांवरमल अग्रवाल को पहले गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में कछुए की तस्करी करने वालों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
Updated on:
09 Apr 2018 12:33 pm
Published on:
09 Apr 2018 12:21 pm
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