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दो निजी लैब को कोरोना टेस्टिंग की अनुमति, एक जांच का शुल्क 4500 रुपए

आईसीएमआर ने दी मंजूरी एसआरएल ने टेस्टिंग शुरू की और डॉ. लालपैथ लैब ने नहीं

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दो निजी लैब को कोरोना टेस्टिंग की अनुमति, एक जांच का शुल्क 4500 रुपए

दो निजी लैब को कोरोना टेस्टिंग की अनुमति, एक जांच का शुल्क 4500 रुपए

रायपुर. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने प्रदेश की दो निजी लैबोरेट्रीज को कोरोना वायरस की टेस्टिंग की अनुमति जारी कर दी है। प्रदेश में अब एम्स रायपुर, तीन मेडिकल कॉलेजों, आईआरएल लालपुर के साथ-साथ एसआरएल और डॉ. लाल पैथ लैब में कोरोना जांच हो सकेगी। निजी लैब में 4500 रुपए/जांच शुल्क निर्धारित किया गया है।

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राज्य स्वास्थ्य विभाग में उप संचालक एवं प्रवक्ता डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि एसआरएल लैब ने जांच शुरू कर दी है। उनकी तरफ से रोजाना पांच से आठ सैंपल लिए जा रहे हैं। वे नियमित स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाल पैथ ने अभी तक शुरुआत नहीं की है। पूर्व में उनके द्वारा कहा गया था कि लॉकडाउन की वजह से टेस्टिंग मटेरियल नहीं आ रहा था इसलिए जांच विलंब हो रहा है। दोबारा उनकी तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई है। बता दें कि निजी लैब में शुल्क देना होगा, जबकि सरकारी लैब में जांच नि:शुल्क है। हालांकि बहुत सारे ऐसे लोग जो शंकावस जांच करवाना चाहते हैं उनके लिए निजी लैब का विकल्प है।
प्रदेश में सरकारी लैब
एम्स रायपुर, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, बलीराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और स्व. लखीराम अग्रवाल मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजिकल लैब में जांच हो रही है। यहां रोजाना औसतन 900 सैंपल की जांच हो रही है। जल्द ही शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर, अटल बिहारी वाजयेपी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेंस (सिम्स) बिलासपुर में भी लैब शुरू करने की संभावना है।