
सीमेंट संयंत्रों की खरीदी से धान भूसा की कीमत पहुंची 2700 रुपए टन
भाटापारा. इसे कोयला की ही मेहरबानी कहिए कि सालों बाद धान भूसा पहली बार रेकॉर्ड 2700 रुपए टन की ऊंचाई पर पहुंच चुका है। इसमें बढ़त के आसार इसलिए भी बने हुए हैं क्योंकि जिले के उद्योगों की मांग निकली हुई है। पुराने उपभोक्ता ईंटभ_ों की डिमांड अपनी गति पर बनी हुई है। लिहाजा भाव टूटने की संभावना तो फिलहाल नहीं है।
देश स्तर पर कोयला संकट का हाहाकार मचा हुआ है। इससे जिले के उद्योग भी अछूते नहीं हैं। हालांकि, कोयला जैसा मजबूत तो नहीं ,लेकिन उद्योगों के पहिए गतिमान बनाए रखने के लिए धान भूसा बेहतर विकल्प बन चुका है। उद्योगों के अलावा ईंटभट्टों की मांग भी अपनी जगह पर बनी हुई है। इसलिए आगत दिनों में धान भूसा की कीमत में मंदी जैसी कोई संभावना नहीं है।
इनकी तो निकल पड़ी
कोयला संकट के बीच गति पकड़ रहे धान भूसा के कमीशन एजेंटों की निकल पड़ी है। प्रति टन उपलब्धता के लिए खरीदार और बिकवाल के बीच सेतु का काम करने वाला यह क्षेत्र पहली बार जी-जान लगाकर काम करता नजर आ रहा है। यह भी शायद पहली बार है, जब इस काम के लिए अच्छे पैसे मिल रहे हैं।
इनकी मांग जोरदार
जिले में सीमेंट उत्पादन इकाइयों की संख्या अच्छी-खासी है। सबके पास अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अपने पावर प्लांट भी हैं। मांग की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोयला संकट के बीच यह इकाइयां धान भूसा की मांग कर रही हैं। इसके अलावा परंपरागत खरीदी क्षेत्र ईटभ_ा संचालकों की मांग अपनी जगह पूर्ववत बनी हुई है।
पहली बार 2700 रुपए टन
जिले में इस समय 70 राइस मिले संचालन में हैं। 230 टन प्रति घंटा चावल उत्पादन वाली इन राइस मिलों से 600 टन धान भूसा निकल रहा है। अनुमान है कि इसमें से लगभग 50 फीसदी मात्रा की खरीदी यही उद्योग कर रहे हैं। दो तरफा मांग के बाद भाव इस समय 2700 टन पर मजबूती के साथ जमा हुआ है। मालूम हो कि इसके पहले तक धान भूसा की कीमत 1500 रुपए टन थी।
---
सीमेंट प्लांटों में डिमांड भरपूर होने से धान भूसा की कीमत में तेज बनी हुई है। मंदी के आसार फिलहाल नहीं है।
- देवेंद्र भृगु, अध्यक्ष, जिला राइस मिल एसोसिएशन, बलौदाबाजार
Published on:
06 May 2022 04:51 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
