
431 किलो मीटर पदयात्रा कर सीएम हाउस पहुंचे परिवार ( Photo - Patrika )
Balrampur Tiranga Nyay Yatra: बलरामपुर जिला अस्पताल में बुखार के दौरान भर्ती की गई महिला की छत से गिरने से मौत मामले में परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार बलरामपुर से रायपुर 431 किलो मीटर पदयात्रा कर आज सीएम हाउस पहुंचे। यहां अपने साथ हुए घटनाक्रम को लेकर खुलकर बात की। बता दें कि पीड़ित परिवार मामले की जांच व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर सीएम हाउस के बाहर बैठे है।
बलरामपुर जिला अस्पताल में महिला की मौत का यह मामला 30 अप्रैल की देर रात का है।जिले के ग्राम सेदूर निवासी 58 वर्षीय महिला कौलेश्वरी को बुखार व उल्टी की शिकायत थी। 27 अप्रैल को परिजनों द्वारा उसे बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। 30 अप्रैल की रात करीब 12 बजे वह अस्पताल की दूसरी मंजिल की छत पर पहुंच गई। करीब 10-15 मिनट तक वह छत पर ही टहलती रही। इसके बाद उसने अचानक बिल्डिंग से छलांग लगा दी। इससे महिला नीचे फर्श पर गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को तत्काल अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा भर्ती किया गया। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस से अंबिकापुर लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
महिला ने किस कारण से आत्मघाती कदम उठाया, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। इस घटना को लेकर परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं है, बल्कि उसे मारा गया है। वहीं मामले में जांच किए बिना ही केस बंद कर दिया गया। पुलिस व जिला प्रशासन से केस की जांच करने की गुहार लगाने के बाद परिवार ने सीएम तक अपनी बात पहुंचाने के लिए 16 मई से तिरंगा न्याय यात्रा निकाली। पूरा परिवार 431 किलो की दूरी तय कर आज 28 मई को सीएम हाउस पहुंचे।
पीड़ित परिवार ने एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें अपने साथ हुए घटनाक्रम को बताया है। यूट्यूब में अपलोड किए वीडियो में लिखा कि न्याय की राह कभी आसान नहीं होती, लेकिन आज हम पर जो बीत रहा है, वह बताना ज़रूरी है। बलरामपुर से रायपुर की 'न्याय तिरंगा यात्रा' में हमारे साथ जो हो रहा है सच में आदिवासी परिवार को न केवल दबाया जा रहा है बल्कि फोन पर धमकी पर धमकी मिल रही हैं, और हमें कई तरह से परेशान किया जा रहा है। प्रशासन मौन है और विरोधी सक्रिय, लेकिन हमारी हिम्मत अभी टूटी नहीं है। इस आदिवासी परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पूरा आदिवासी समाज एकजुट होगा? हमारा साथ दें, क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज के लिए लड़ी जा रही है।
Updated on:
28 May 2026, 6:00 PM IST
Published on:
28 May 2026, 5:59 PM IST
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