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वोकल फॉर लोकल: एक ही छत के नीचे मिलेगा कोरबा का काजू, ब्लैक राइस, हर्बल साबुन समेत कई उत्पाद

नई पहल : हसदेव ब्रांड से मिलेगा 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा

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कोरबा. सबकुछ सही रहा तो कोरबा का काजू, ब्लैक राइस, हर्बल साबून और जंगल में एकत्र किए जाने वाला चार बीज जल्द एक ही छत के नीचे लोगों को उपलब्ध होगा। इन सामानों की बिक्री हसदेव ब्रांड के नाम पर की जाएगी। वोकल फॉर लोकल को लेकर कोरबा की महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही है। उनके द्वारा तैयार किए गए सामान को बाजार में उतारने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य में जिला प्रशासन महिलाओं की मदद के लिए आगे आया है। प्रशासन की ओर से कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में एक बड़ा हॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके संचालन के लिए प्रशासन एक ऐसी एजेंसी खोज रहा है, जो महिला समूह की ओर से तैयार किए सामान को खरीदे और इसकी बिक्री बाजार में कर सके। कोरबा की महिला द्वारा तैयार किया गया सामान बाजार में हसदेव ब्रांड के नाम से बिकेगा। सामान की मार्केटिंग प्रशासन की ओर से तय की गई एजेंसी ही करेगी।

30 हजार महिलाओं को रोजगार से जोडऩे का लक्ष्य
कोरबा जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए हैं। समूह बनाकर महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। अभीतक लगभग तीन हजार महिला समूह को प्रशिक्षित करने का काम पूरा हो चुका है। समूह में रहकर काम करने वाली लगभग 30 हजार महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। ये महिलाएं अगरबत्ती, दीए, हर्बल साबुन, गुलाल और खाद्य पकवान आदी बना रही हैं। लेकिन अपने सामान की बिक्री शहरों में नहीं कर सक रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा। उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। कोरबा जिले में समूह का सालाना कारोबार 25 करोड़ रुपए से अधिक करने की है।

नावापारा में काजू के उत्पादन से 882 को रोजगार
विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम नावापारा में महामाया कृषक उत्पादक संघ ने आत्मनिर्भरता को लेकर एक मिसाल पेश की है। पिछले साल संघ ने 45 क्ंिवटल काजू का उत्पादन किया। इसके अलावा ब्लैक राइस की खेती की। वर्तमान में संघ की सालाना कमाई लगभग एक करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। संघ की ओर से बताया कि खेती बाड़ी से जुड़कर 882 लोगों को रोजगार मिला है। सामान की बिक्री के लिए प्रशासन बाजार उपलब्ध कराता हो इससे आय में और बढ़ोत्तरी होगी।

जननी महिला संकुल संगठन
कटघोरा के धवइपुर में सब्जी, फल और फूल की रस से इस साल 10 क्ंिवटल से अधिक हर्बल गुलाल बनाया गया था। समूह की महिलाएं हर्बल साबून और दीया भी बनाती है। अगरबत्ती का उत्पादन भी करती हैं।

महिला समूह द्वारा तैयार किए गए सामान की बिक्री बाजार में हसदेव ब्रांड से की जाएगी। इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जल्द ही एक एजेंसी फाइनल की जाएगी जो समूह से सामान खरीदकर हसदेव ब्रांड के नाम से बाजार में बेचेगी।
- नूतन सिंह कंवर, सीईओ, जिला पंचायत, कोरबा