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आज तुलसी विवाह के बाद शुरू हो जाएगा शादियों का सीजन, यहां देखिए शुभ मुहूर्तों की लिस्ट

मान्यता है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु नींद से जागते हैं।

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आज तुलसी विवाह के बाद शुरू हो जाएगा शादियों का सीजन, यहां देखिए शुभ मुहूर्तों की लिस्ट

रायपुर. मान्यता है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु नींद से जागते हैं। ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।इसी दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी होती है।इस बार एकादशी का पर्व सोमवार को है। इसके लिए गन्ने की खूब बिक्री शुरू हो चुकी है। इससे मंडप तैयार करके तुलसी विवाह के साथ पूजा अर्चना की जाएगी।

इस विवाह का पौराणिक महत्व है। लोग तुलसी के पौधे को गमला, गेरू आदि से सजाकर उसके चारों ओर मंडप बनाकर उसके ऊपर ओढऩी या सुहाग प्रतीक चुनरी डालते हैं। वहीं गमले को साड़ी ओढ़ाकर तुलसी को चूड़़ी चढ़ाकर उनका शृंगार करते हैं। इस विवाह को महिलाओं के परिपेेक्ष्य में अखण्ड सौभाग्यकारी माना गया है। पुराणों में भी इसे मंगलकारी बताया गया है।एकादशी के लिए बाजारों में गन्ने, कांदा, सिंघाड़ा आदि फलों की खूब ब्रिकी हुई । इस पर्व पर गन्ने का ज्यादा महत्व होता है क्योंकि गन्नों से ही विवाह मंडप बनाया जाता है।

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देवउठनी एकादशी पर 19 नवंबर को छह माह बाद देव जागेंगे। देवउठनी एकादशी के दिन मंदिरों में तुलसी-शालिग्राम का विवाह कराया जाएगा। इस तरह से देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार कुछ अलग स्थिति बन रही है। 58 दिन तक मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं होने से नए साल में 17 जनवरी से विवाह हो सकेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार विवाह, गृह आरंभ, ग्रह प्रवेश आदि के लिए दोष रहित शुभ मुहूर्त का होना आवश्यक है। ऐसे श्रेष्ठ मुहूर्त नए साल 2019 में 17 जनवरी से शुरू होंगे। जुलाई तक 7 माह में 45 श्रेष्ठ मुहूर्त है।

15 दिसंबर से मलमास की शुरुआत हो जाएगी। जो 14 जनवरी तक रहेगा। इन सब स्थितियों के कारण 17 जनवरी से श्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होंगे। इन तिथि में मांगलिक कार्य करना शुभ रहेगा। मांगलिक कार्य करने में गुरु के तारे का उदय होना विशेष माना जाता है।