Wedding Season: महंगाई की मार किचन से लेकर अब शादी और अन्य कार्यक्रमों में होने वाले भोज पर भी पड़ने लगी है। पहले शादियों में मिठाई के रूप में गुलाब जामुन और रसगुल्ला समेत अन्य मिष्ठान मेन्यू में शामिल होते थे, लेकिन घी, दूध और ड्रायफूट के भाव बढ़ते ही शादियों में मिठास का ट्रेंड बदल दिया गया है। मिठाई की जगह अब लोग फ्रूट कस्टर्ड , मूंग व गाजर के हलवे का उपयोग करने लगे हैं।
Wedding Season: बिलासपुर. लोगों का कहना है कि खास तौर पर जब दूध और ड्रायफ्रूट्स महंगे हो तो मिठाई बनाने का बजट खुद ब खुद बिगड़ जाता है। वर्तमान में घी 700 रुपए लीटर या किलो के भाव से मिल रहा है। यानी घी की कीमत में डेढ़ गुना की बढ़ोतरी हुई हुई है। इसी प्रकार ड्रायफ्रूट्स में अंजीर, काजू, बादाम, पिस्ता आदि की कीमतें भी आसमान पर हैं। मिठाई में इन सभी का उपयोग होता है। ऐसे में शादी में और अन्य आयोजनों में मिठाई बनाना अधिकांश के लिए मुश्किल हो गया है।
गाजर और मूंग के हवले परोसे जा रहे
मध्यम वर्गीय परिवार अब शादियों में महंगाई के कारण मिठाई की जगह गाजर और मूंग के हवले को विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। हाल ही में शहर में हुई कई लोगों की शादियों में खाना बनाने वाले कैटरिंग सर्विस देने वाले विशाल कुमार ने बताया कि पहले गुलाब जामुन, सरगुल्ला और अन्य मिठाईयां बनाने का आर्डर मिलता था, लेकिन अधिकांश शादियों में लोग मूंग और गाजर के हवले ही बनवा रहे हैं। मिठाई की जगह इसे ही परोसा जा रहा है।
ऐस बढ़े दाम
शहर के ड्रायफ्रूट व्यापारी किशोर सिंह ने बताया कि दो साल पहले अंजीर की कीमत 500 रुपए थी, वह बढ़कर 900 पहुंच गई हैं। इसी तरह पिस्ता की भाव कुछ महीनों पहले 1200 रुपए किलो था वह 1600- 1800 तक पहुंच गया है। वहीं किशमिश के भाव में 40-50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। काजू के दाम भी 800 रुपए किलो पहुंच गया है।
होटलों में भी कीमत बढ़ी
घी, दूध और ड्राइफ्रूट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के करण अब होटलों में भी मिठाइयां महंगी हो गई हैं। बेसन और नारियल से बने लड्डू को छोड़कर दधू से बनने वाली मिठाइयों की कीमतें 400 रुपए किलो से शुरू हो रही हैं।