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Dhurandhar-2: जब छात्रों ने टीम का नाम ही रख दिया ‘धुरंधर’ एनआईटी के मेगा टेक फेस्ट में दिखा नजारा…

Dhurandhar-2: एनआईटी के छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट ग्रुप का नाम ही ‘धुरंधर’ रख लिया। एग्जीबिशन में जो भी उनके स्टॉल पर पहुंच रहा था, वह प्रोजेक्ट के साथ-साथ टीम के नाम से भी खासा प्रभावित नजर आया।

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Dhurandhar-2: जब छात्रों ने टीम का नाम ही रख दिया ‘धुरंधर’ एनआईटी के मेगा टेक फेस्ट में दिखा नजारा...

एनआईटी के मेगा टेक फेस्ट छात्र (Photo Patrika)

Dhurandhar-2: @ताबीर हुसैन। इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 का जबरदस्त क्रेज युवाओं के बीच देखने को मिल रहा है। कोई रणवीर जैसा हेयरकट फॉलो कर रहा है तो कोई उनका बियर्ड लुक कैरी कर रहा है। इसका असर एनआईटी में चल रहे मेगा टेक फेस्ट में भी देखने को मिला। एनआईटी के छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट ग्रुप का नाम ही ‘धुरंधर’ रख लिया। एग्जीबिशन में जो भी उनके स्टॉल पर पहुंच रहा था, वह प्रोजेक्ट के साथ-साथ टीम के नाम से भी खासा प्रभावित नजर आया।

छात्रों का कहना है कि फिल्म का किरदार और उसका अंदाज उन्हें काफी मोटिवेट करता है इसलिए उन्होंने अपनी टीम को यह नाम दिया। धुरंधर टीम के स्टूडेंट दीपांकर गुप्ता और मयंक जोशी ने वेरी-एआई एड्ज नाम से वेब एप्लीकेशन तैयार किया है जो फेक वीडियो और टेक्स्ट मैसेज पहचानने में मदद करती है।

जल्द ही होगा लॉन्च

दीपांकर ने बताया कि यह टूल डीपफेक कंटेंट को रोकने के लिए बनाया गया है। इसमें दो मॉडल लाइट और प्रो का उपयोग किया गया है, जो वीडियो, टेक्स्ट और लाइव कॉल में फेक की पहचान करते हैं। फिलहाल यह प्रोटोटाइप है और जल्द ही इसे पूरी तरह लॉन्च करने की तैयारी है।

सर्वे और मैपिंग करेगा ड्रोन

पार्थ देवांगन ने माइनिंग सेक्टर के लिए खास ड्रोन तैयार किया है, जो सर्वे और मैपिंग में मदद करेगा। 225 मिमी का यह ड्रोन जीपीएस, मैग्नोमीटर, बैरोमीटर, ऑप्टिकल और रेंज फाइंडर सेंसर से लैस है। जिससे यह भूमिगत क्षेत्रों में भी काम कर सकता है, जहां जीपीएस काम नहीं करता। यह ड्रोन 70-150 किमी प्रति घंटा की स्पीड से उड़ सकता है और करीब 500 ग्राम तक वजन उठा सकता है।

लगातार मेहनत सफलता की कुंजी

पैनल डिस्कशन में अर्चित ओझा ने कहा कि एआई और डेटा आधारित काम में विश्वास और खुद को बदलने की क्षमता सबसे जरूरी होती है। मेघल अग्रवाल ने कहा कि सही आइडिया और मेहनत से बड़ा असर पैदा किया जा सकता है। रत्नेश मिश्रा ने बताया कि बड़े सपने और लगातार मेहनत सफलता की कुंजी हैं। हर्ष जैन ने कहा कि आज ऐसे समाधान बनाने की जरूरत है जो वास्तविक समस्याओं को हल करें।