भाजपा के नेता नारायण चंदेल वर्तमान में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। पार्टी नेतृत्व ने चंदेल को विधानसभा में विधायकों का नेतृत्व करने और सरकार को घेरने की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन इस कांड ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
रायपुर. आदिवासी युवती की शिकायत पर पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से ही जांजगीर के विधायक और छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पलाश चंदेल गायब हैं। उन पर युवती ने रेप करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अब तो युवती ने यहां तक आरोप लगाए हैं कि अगर उसे और उसके परिवार को कुछ होता है तो उसके लिए पूरी तरह से पलाश चंदेल, पिता नारायण चंदेल और उनके परिजन जिम्मेदार होंगे। इस युवती की प्रेस कांफ्रेंस के बाद यह मामला और तूल पकड़ गया।
अंडरग्राउंड हो गए पलाश
एफआईआर दर्ज होने के बाद रेप के आरोपी पलाश चंदेल अंडरग्राउंड हो गए हैं। उनकी खोंज खबर नहीं मिल रही है। उनकी गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है लेकिन जाहिर सी बात है कि रेप के आरोप लगनेे के बाद जब पुलिस उन्हें ढूंढ रही है तो वे अपने घर में कैसे रहेंगे ? पुलिस भी इस बात को जानती है कि पलाश चंदेल उसकी पकड़ से दूर हैं . छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों में छापेमारी हो रही है।
भाजपा को षड्यंत्र नजर आ रहा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को इस पूरे मामले में षड्यंत्र नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि युवती जांजगीर की रहने वाली है और घटना भी जांजगीर है लेकिन एफआईआर रायपुर में दर्ज हुई है,इसलिए मामले में षड्यंत्र नजर आ रहा है लेकिन भाजपा को न्यायालय और कानून पर पूरा भरोसा है।
कांग्रेस मांग रही नेता प्रतिपक्ष चंदेल से त्यागपत्र
बेटे पर रेप का केस दर्ज होने के बाद से ही नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के खिलाफ कांग्रेसी हमलावर हैं। उनसे नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र मांग रहे हैं और भाजपा बैकफुट पर है। कांग्रेस के संचार विभाग के पदाधिकारियों और पीसीसी चीफ भी इस मामले में नेता प्रतिपक्ष चंदेल से त्यागपत्र की मांग कर चुके हैं।
अब आगे क्या होगा
पुलिस की लगातार छापेमारी हो रही है लेकिन अब तक पलाश पकड़ से दूर है। ऐसे में पुलिस का तंत्र ठीक प्रकार से मुखबिरी करके उन तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है। बड़े परिवार से जुड़े होने के कारण पलाश को छुपने में ज्यादा दिक्कत नहंी हो रही है लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाली है, क्योंकि भूपेश सरकार के सख्त तेवर देख कर पुलिस पलाश को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास तेज करेगी।