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छत्तीसगढ़ के इन 9 लाजवाब व्यंजनों में से कौन सी है आपकी फेवरेट डिश

Traditional Food of Chhattisgarh: यहाँ की खान-पान वनोपज से लेकर तले भुने सभी प्रकार की व्यंजन बनाया जाता है। साथियों हर राज्य की अपना पारम्परिक पकवान उस राज्य प्रमुख त्योहारों विशेष स्थान रखता है। साथ ही हर राज्य का अपना विशेष व्यंजन होता है जो उन्हें अन्य राज्यों से अलग बनती है।

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Traditional Food of Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ भारत का ऐसा राज्य है जहाँ आपको हर मौसम में एक त्यौहार और हर त्यौहार में छत्तीसगढ़ी व्यंजन पकवान का अपना महत्त्व रखता है। छत्तीसगढ़ की विभिन्न व्यंजन के बारे में जानकारी देने जा रहे है। व्यंजन छत्तीसगढ़ का व्यंजन अपने आप में स्वास्थ्य वर्धक स्वादिष्ट और अपने आप में अनूठी होती है। इसकी पारम्परिकता की महक लाजवाब होती है। छत्तीसगढ़ मध्यभारत में अपने खानपान और रहनसहन के लिए एक अलग महत्त्व रखता है। जिस तरह अन्य राज्यों का है। यहाँ की खान-पान वनोपज से लेकर तले भुने सभी प्रकार की व्यंजन बनाया जाता है। साथियों हर राज्य की अपना पारम्परिक पकवान उस राज्य प्रमुख त्योहारों विशेष स्थान रखता है। साथ ही हर राज्य का अपना विशेष व्यंजन होता है जो उन्हें अन्य राज्यों से अलग बनती है।

ठेठरी
छत्तीसगढ़ राज्य में ज्यादातर लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते है और ग्रामीण क्षेत्रों का सबसे प्रचलित पकवान ठेठरी को माना जाता है। यह छत्तीसगढ़ की बहुत प्रसिद्द पकवान है।
बेसन से बनाया वाला पकवान है जिसे बेसन को आंटे की तरह गूथ कर बनाया जाता है इसमें नमक ,अजवाइन ,डाला जाता है , गुथने के बाद उसे छोटे-छोटे लोई लेकर छोटे रस्सी के सामान गोल-गोल बना लेते है।
फिर उसे बीच से आधा मोड़ कर जिस प्रकार रस्सी को मोड़ने पर गोल आकृति मिलती है उसी प्रकार गोल मोड़ लिया जाताहै और फिर उसे तेल में फ्राई कर निकाल लिया जाता है।

गुलगुल भजिया
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में गुलगुल भजिया बहुत ही लोक प्रिय व्यंजन है। गुलगुल भजिया को गेंहू आंटे से बनाया जाता है। सबसे पहले आपको इसे बनाने के लिए गेंहू आंटे और शक्कर की चासनी या गुड़ की चासनी की आवश्यकता होती है। गेंहू आंटा लेकर उसमे शक्कर की चासनी या गुड़ की चासनी इतने मात्रा में डाले की हल्का पिलपिला साने जिस तरह पकोड़े के लिए आटा गुथा जाता है। फिर उसे पकोड़े की तरह छान कर निकल लिया जाता है। इस तरह गुलगुल भजिया तैयार हो जाता है।


सोहारी

सोहारी जिसे हम पूरी भी कहते है। छत्तीसगढ़ में ये दो प्रकार के बनाये जाते है। एक मीठा होता है और दूसरा नमकीन जिसे (नुनहा) कहते है , सोहारी गेंहू आटा से बनाया जाता है। सोहारी प्रमुख पकवान है जिसे छत्तीसगढ़ में सभी त्योहारों में शुभ अवसर पर बने जाता है।


चीला
चीला छत्तीसगढ़ की पारम्परिक व्यजन है जिसे हरघर में बनाया जाता है। इसे चावल आटे से बनाया जाता है। चीला बनाने की विधि चांवल आटे को पानी की निश्चित मात्रा मिलाकर घोल लिया जाता है। फिर तेल में ताल लिया जाता है। चीला नमकीन और मीठा दोनों तरह के बनाये जाते है।


अईरसा
अईरसा छत्तीसगढ़ की स्वादिष्ट पकवान मन जाता है। इसे चांवल आटे को भिगोकर फिर सुखाकर पिसाई की जाती है फिर उसमे गुड़ की चासनी डाला जाता है। इसके पश्चात तेल में तल लिया जाता है।
चौसेला


चौसेला

छत्तीसगढ़ की पारम्परिक व्यंजन में से एक है जिसे चांवल आटे से तैयार किया जाट है। नमकीन बनायीं जाती है जिसे सबसे पहले चांवल आटे को गर्मपानी में थोड़ा -थोड़ा पानी डाल कर गुथा जाता है फिर छोटी -छोटी लोई काट कर तैयार किया जाता है।



खुरमी
खुरमी छत्तीसगढ़ की मीठा व्यंजन है जिसे गेंहू और चावल आते के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसके साथ इसमें गुड़ चिरौंजी ,नारियल ,इस का स्वाद बढ़ा देता है। छत्तीसगढ़ के गावों में इसका विशेष मांग होती है।


फरा
चावल आटे से तैयार किये जाने वाला व्यंजन है इसे दो प्रकार के बनाया जाता है मीठा जिसमे मीठे के लिए गुड़ या शक्कर का प्रयोग किया जाता है। दूसरा जिसे भाप में पकाया जाता है और इसके स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें छौंका लगाया जाता है इसका स्वाद सबसे ज्यादा टमाटर की चटनी साथ होती है।


अंगाकर
अंगाकर छत्तीसगढ़ की सु प्रसिद्द रोटी है जिसे चांवल आटे से तैयार किया जाता है पहले चांवल आटे को गूथ कर उसे बड़ा गोला अकार देते है फिर उसके ऊपर और निचे दोनों तरफ पलास के पत्ते से ढक कर अंगार में पकाया जाता है।