15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकार बदली, लेकिन मूर्ति नहीं..! रायपुर के कौशल्या धाम में अब तक क्यों नहीं बदली प्रतिमा? जानें क्या था अधूरा वादा..?

CG News: भाजपा सरकार को सत्ता में आए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची नई प्रतिमा अब तक स्थापित नहीं हो पाई है।

3 min read
Google source verification
रायपुर के कौशल्या धाम में अब तक क्यों नहीं बदली प्रतिमा?(photo-patrika)

रायपुर के कौशल्या धाम में अब तक क्यों नहीं बदली प्रतिमा?(photo-patrika)

CG News: छत्तीसग़र के भाजपा सरकार को सत्ता में आए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची नई प्रतिमा अब तक स्थापित नहीं हो पाई है। सत्ता में आते ही भाजपा ने कांग्रेस शासनकाल में लगी प्रतिमा को हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा अब तक धरातल पर उतरती नहीं दिख रही है।

CG News: कांग्रेस काल की प्रतिमा पर भाजपा की आपत्ति

भाजपा का शुरू से यह कहना रहा है कि कांग्रेस शासनकाल में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा उनके पारंपरिक और मर्यादित स्वरूप के अनुरूप नहीं है। वर्ष 2021 में कांग्रेस सरकार के दौरान कौशल्या धाम परिसर का जीर्णोद्धार कर 51 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे तत्कालीन सरकार ने राम वन गमन पथ के साथ एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत किया था।

मुख्यमंत्री को सांसद ने लिखा था पत्र

20 नवंबर को भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर नई प्रतिमा स्थापना में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। पत्र में कहा गया था कि नई प्रतिमा ग्वालियर में तैयार हो चुकी है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब तक स्थापना नहीं हो सकी है। यहां तक कि मूर्ति को किसी अन्य राज्य में स्थापित किए जाने की आशंका भी जताई गई थी।

तीन महीने में स्थापना और मास्टर प्लान की मांग

पत्र में आग्रह किया गया था कि तीन महीनों के भीतर चंद्रखुरी में प्रभु श्रीराम की पारंपरिक स्वरूपानुकूल भव्य प्रतिमा की स्थापना सुनिश्चित की जाए। साथ ही माता कौशल्या की जन्मभूमि के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य शुरू किया जाए।

विधानसभा में सात दिनों का वादा

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक अजय चंद्राकर ने भी नई मूर्ति स्थापना का मुद्दा उठाया था। इस पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सात दिनों के भीतर मूर्ति स्थापित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

छत्तीसगढ़ को राम का ननिहाल मान्यता

छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम की माता कौशल्या का मायका यहीं था, इसलिए राम को छत्तीसगढ़ का भांजा कहा जाता है। ऐसे में कौशल्या धाम में स्थापित प्रतिमा को लेकर उठ रहे सवाल धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम माने जा रहे हैं।

प्रतिमा लगते ही शुरू हुआ था विवाद

कौशल्या धाम में प्रतिमा स्थापना के साथ ही विवाद शुरू हो गया था। विपक्ष में रही भाजपा ने दावा किया था कि यह प्रतिमा भगवान राम के सौम्य और मर्यादित स्वरूप को नहीं दर्शाती। यह प्रतिमा ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई थी।

राम वन गमन पथ की जांच भी ठप

राम वन गमन पथ परियोजना की जांच भी फिलहाल ठंडे बस्ते में है। भूपेश सरकार के कार्यकाल में इस योजना पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने का दावा किया गया था। भाजपा ने आरोप लगाया था कि निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं और गुणवत्ता की जांच किए बिना भुगतान कर दिया गया।

सात सदस्यीय समिति का भी पता नहीं

सरकार बनने के बाद विधायक अजय चंद्राकर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय जांच समिति बनाई गई थी, जिसे प्रत्येक स्थल का भौतिक सत्यापन करना था। हालांकि, अब तक इस समिति की प्रगति या रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो पाई है।

विभागीय अधिकारियों का पक्ष

पर्यटन विभाग के एमडी विवेक आचार्य ने कहा कि मूर्तिकार को पुरानी प्रतिमा की जगह ही नई मूर्ति स्थापित करनी है। इसके लिए अलग से कोई वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया था। प्रतिमा को कब हटाया जाएगा और नई प्रतिमा कब स्थापित होगी, इसकी समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है।

पर्यटन मंत्री का दावा

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “चंद्रखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में इसी माह प्रभु श्रीराम की नई मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी। मूर्ति पूरी तरह तैयार है। रायपुर पहुंचने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ इसकी स्थापना की जाएगी।