
हिंदू संगठनों ने किया बवाल: मंदिर तोड़ने के विरोध में अटका चौक का चौड़ीकरण, हंगामे के बाद अब आपसी सहमति से तय होगी जगह
रायपुर. राजधानी के लाखेनगर चौक में मंदिर तोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को हंगामा खड़ा हो गया। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बीच में तोड़फोड़ रोकनी पड़ी। इसके साथ ही चौक में चौड़ीकरण का काम रुक गया है। मंदिर समिति और निगम अफसरों के बीच तय हुआ है कि आपसी सहमति के बाद मंदिर के लिए जगह तय होने पर हनुमान जी की मूर्ति विस्थापित होगी। तब तक यथािस्थति रहेगी।
लाखेनगर चौक निगम के जोन-5 में आता है। चौक से जीई रोड के आश्रम तिराहा तक तथा सारथी चौक से आमापारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। शुक्रवार को सुबह जोन अमले ने मंदिर का अधिकांश हिस्सा तोड़ दिया और जिस दीवार में बजरंग बली की मूर्ति सटी हुई थी, उस हिस्से की खुदाई की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर जागृत युवा मंच के कार्यकर्ता और आसपास के लोगों ने पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि निगम प्रशासन गुपचुप तरीके से भगवान की मूर्ति को खंडित करना चाहता है। दूसरी तरफ जोन के अफसरों का कहना है कि 10 से 15 दिन पहले एक बैठक हुई थी, जिसमें चौक के चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ को लेकर सहमति बन गई थी। इस पर समिति सहमत थी, उसी के द्वारा मूर्ति स्थापना दूसरी जगह की जानी थी।
जोन कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा
जागृति युवा मंच के वैभव ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिना सूचना दिए मंदिर से बजरंग बली की प्रतिमा हटाए बिना ही मंदिर पर बुलडोजर चला दिया गया। इसका विरोध हनुमान चालीसा पाठ कर सभी ने दर्ज कराया है। सर्व हिन्दू समाज, सिंधु एकता मंच, लाखेनगर व्यापारी संघ, शिवसेना, युवा मोर्चा विरोध में शामिल हुए। जोन कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है कि मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाए।
तोड़फोड़ से पहले मंदिर समिति के साथ बैठक में सहमति बनी थी। उसी आधार पर काम कराया जा रहा था। इसलिए सूचना नहीं देने की बात गलत है। फिलहाल चौड़ीकरण रोक दिया गया है। आपसी सहमति से मंदिर की जगह तय होने पर निगम प्रशासन द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
- राजेश गुप्ता, कमिश्नर जोन-5
Published on:
02 Dec 2022 11:09 pm
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