18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: पति की मौत के बाद पत्नी ने किया चौंकाने वाला खुलासा, मामला जान उड़ जाएंगे होश

इस संबंध में मृतक की पत्नी ने पत्रिका से चर्चा करते हुए बेहद चौंकाने वाले मामले को उजागर किया है,

2 min read
Google source verification
CG News

रायपुर . अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत के बाद पत्नी को राज्य शासन की मुक्तांजलि (शव वाहन) 1099 सेवा का लाभ नहीं मिल सका। इस संबंध में मृतक की पत्नी ने पत्रिका से चर्चा करते हुए बेहद चौंकाने वाले मामले को उजागर किया है, जिससे सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर सवालिया निशान लगा रहा है।

दरअसल हीरापुर निवासी संजय शर्मा (30) पवन पुत्र उद्योग नाम की एक कंपनी में पत्थर पिसाई का कार्य करता था और इसके डस्ट से फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो गया था। सरकारी अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सक और अन्य स्टाफ कमीशन के चक्कर में मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में भेज रहे हैं। इस तरह की शिकायत लगातार सामने आ रही है। शहर में बड़ी संख्या में फैले निजी डायग्नोस्टिक सेंटर बकायदा सरकारी अस्पतालों तक अपने सेंटरों की पर्चियां और अन्य जानकारियां पहुंचा रहे हैं और लालच दिया जा रहा है।

सरकारी अस्पताल में सक्रिय एजेंट

उप स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रोंं में इस तरह का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। प्रशासन का कोई दबाव नहीं होने और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की निगरानी नहीं होने का फायदा निजी डायग्रोस्टिक सेंटर उठा रहे हैंं। बकायदा उनके एजेंट सरकारी अस्पतालों में पहुंचकर पर्चियां और कार्ड छोड़ रहे हैं। मौजूद डॉक्टर और एएनएम सहित अन्य स्टाफ बेखौफ होकर इन सेंटरों की पर्चियां मरीजों को थमा रहे हैं। मरीज निजी संस्थाओं में महंगे दर पर जांच करा रहे हैं।

मुफ्त जांच की रकम चुका रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज में सोनोग्राफी से लेकर हर तरह की जांच की सुविधा है। मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों या फिर उप स्वास्थ्य केन्द्रों ये वहां भेजना चाहिए लेकिन ऐसा न कर मरीजों को सीधे निजी डायग्रोस्टिक सेंटरों का रास्ता दिखा दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में जहां मामूली शुल्क या फिर मुफ्त में जांच हो सकती हैए वहीं निजी सेंटरों में मोटी रकम चुकाकर मरीजों को जांच कराना पड़ता है।

अस्पतालों में इनकी पर्चियां
राजनांदगांव में मुख्य रूप से भिलाई सिटी स्कैन सेंटरए पारस डायग्रोस्टिक सेंटर और आरडीएस डायग्रोस्टिक सहित कुछ अन्य सोनोग्राफी और अन्य जांच सेंटर हैं। जिले के सभी पीएससी और एसएससी में इन डायग्रोस्टिक सेंटरों की पर्चियां देखी जा सकती हैं। अस्पतालों में पदस्थ स्टाफ भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि इन सेंटरों के लोग आकर पर्चियां छोड़ जाते हैं और निवेदन करते हैं कि मरीजों को उनके यहां भेजा करें। इस आग्रह पर मरीजों को ये पर्चियां थमाकर वहां भेज दिया जाता है।

आई शिकायत
सीएमएचओ डॉण् मिथलेश चौधरी ने बताया कि डोंगरगांव क्षेत्र से ऐसी शिकायत सामने आई है कि वहां की बीएमओ डॉण् रागिनी चंद्रेए आरएमए सीमा शुक्ला ने पारस डायग्रोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी जांच के लिए मरीजों को रिफर किया है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए भेजे जाने की शिकायत बाद स्वास्थ्य विभाग ने नियम के विपरीत बताया है। मरीजों को निजी जांच सेंटरों का पता न बताए। डोंगरगांव बीएमओ और आरएमओ को स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब से संतुष्ट न होने पर राज्य सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग