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छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अस्पताल में एेसे भगाया जाता है मरीजों को, देखें ये वीडियो

अंबेडकर अस्पताल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।

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Raipur hospital

सुनील नायक@रायपुर. अंबेडकर अस्पताल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल मंगलवार को सोनोग्राफी कराने आई वृद्ध महिला व साथ आए परिजन से एक महिला कर्मचारी द्वारा बदसलूकी करने का मामला सामने आया है।

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कर्मचारी ने महिला का पर्चा फेंक दिया और उसे बिना सोनोग्राफी किए अस्पताल से भगा दिया। पीडि़ता ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। मोवा स्थित सड्ढू निवासी कविता टहलानी अपनी मां हीरा पंजवानी को डॉक्टर द्वारा दिए डेट और समय के अनुसार अंबेडकर अस्पताल में सोनोग्राफी कराने पहुंची।

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पीडि़त महिला ने बताया कि उसने पर्चा बनवाने के लिए करीब डेढ़ घंटे लाइन में लगी रही। इसके बाद सोनोग्राफी कराने पहुंची। काफी देर तक खड़े होने एवं मां की बुजुर्ग अवस्था को देखते हुए वहां स्थित कुर्सी में बैठा दिया, कुर्सी पर महिला को बैठी देख वहां मौजूद महिला कर्मचारी भड़क गई और बिना सोनोग्राफी किए फटकार लगाते हुए बाहर निकल जाने कह दिया, इससे आहत महिला और उसकी वृद्ध मां फफक कर रो पड़ी।

अंबेडकर अस्पताल में यह पहला मामला नहीं है जब किसी मरीज को बिना उपचार किए बदसलूकी करते हुए भगा दिया गया हो, आए दिन अस्पताल में इस प्रकार के दृश्य अब आम बात हो गई है। घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अंबेडकर अस्पताल में जांच और उपचार के नाम पर मरीजों से आए दिन तू-तू, मैं-मैं की स्थिति निर्मित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों का और बुरा हाल होता है। एक ही जांच को बार-बार कराना और पर्ची फेंक देना तो आम बात है। जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत के बाद कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती।

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