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रायपुर

काष्ठ शिल्प के माध्यम से महिलाएं दिखा रही हैं अपना हुनर

छत्तीसगढ़ शासन की गोठान को रूरल इंडस्ड्री पार्क रीपा बनाने की परिकल्पना अब साकार होने लगी है। साथ इसके नित नए सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं। रीपा के माध्यम से स्वरोजगार के नए अवसर की तलाश में पलारी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम गिर्रा स्थित जय तुलसी स्व सहायता समूह की महिलाएं काष्ठ शिल्प की माध्यम से अपनी हुनर दिखा रहीं हैं।

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बलौदाबाजार. छत्तीसगढ़ शासन की गोठान को रूरल इंडस्ड्री पार्क रीपा बनाने की परिकल्पना अब साकार होने लगी है। साथ इसके नित नए सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं। रीपा के माध्यम से स्वरोजगार के नए अवसर की तलाश में पलारी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम गिर्रा स्थित जय तुलसी स्व सहायता समूह की महिलाएं काष्ठ शिल्प की माध्यम से अपनी हुनर दिखा रहीं हैं।समूह की महिलाएं ट्रेनिंग लेकर बड़े पैमाने में काष्ठ शिल्प से संबंधित विभिन्न वस्तुओं एवं डिजाइनों का निर्माण कर रही हैं। समूह की अध्यक्ष सत्यभामा वर्मा ने बताया कि हमारी समूह में कुल 30 महिलाएं कार्य कर रही हैं, जो काष्ठ से विभिन्न गिफ्ट आइटम, छत्तीसगढ़ महतारी, चाबी रिंग सहित अन्य वस्तुओं को बनाने का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी 2500 रुपए, अन्य गिफ्ट आइटम 200 रुपए प्रति नग व चाबी रिंग 30 रुपए प्रति नग की दर से बेचा जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को बड़ी संख्या में गिफ्ट के लिए आर्डर करना चाहते हैं तो वह समूह के अध्यक्ष 91119 18687 में कॉल कर आर्डर दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत के सहयोग से उक्त उत्पादों को विक्रय के लिए ई कामर्स कम्पनी अमेजॉन से चर्चा जारी है। जल्दी ही इनके उत्पाद ई कामर्स पर उपलब्ध होंगे। काष्ठ शिल्प के यह अभिनव प्रयोग जिले में पहली बार हो रही है जिससे निश्चित ही महिलाओं को इससे आर्थिक आमदनी प्राप्त होगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की अंचल में काष्ठ कला की परम्परा अत्यंत प्राचीन रही है। यहां के निवासियों में अपनी विभिन्न आवश्यकताओं के लिए काष्ठ के उपयोग उदाहरण मिलते हैं। आम व्यक्ति के लिए सुलभ और मनोवांछित आकार बनाने में आसान होने के कारण काष्ठ का उपयोग प्राचीन काल से होता रहा है।